समाजवादी पार्टी (सपा) ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर दलितों और पिछड़ों के खिलाफ अत्याचार बढ़ने का गंभीर आरोप लगाया है। मंगलवार को सपा नेताओं ने आजमगढ़ में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपकर राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह विफल करार दिया। यह कदम सपा के वरिष्ठ दलित चिंतक और राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन पर अलीगढ़ में करणी सेना द्वारा किए गए कथित हमले के विरोध में उठाया गया।
सपा ने ज्ञापन में कहा कि योगी सरकार के शासन में दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार और जुल्म लगातार बढ़ रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि करणी सेना द्वारा सांसद रामजीलाल सुमन और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इसके अलावा, दलित युवाओं को ''जय भीम'' का नारा लगाने पर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है।
उन्हें नंगा करके चौराहों पर घसीटा जा रहा है और बेरहमी से पीटा जा रहा है। सपा नेताओं ने दावा किया कि सरकार के संरक्षण में एक विशेष जाति के लोग आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि मुख्यमंत्री को निर्देश दिए जाएं कि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सपा के जिला अध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव, विधायक बेचई सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व एमएलसी राकेश कुमार यादव गुड्डू, करुणाकांत मौर्य, रामप्यारे यादव, संतोष कुमार गौतम, कमलेश यादव गायक व इंजीनियर लालचंद यादव सहित आदि लोग उपस्थित थे।