ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी को जनपद में आशातीत सफलता न मिलने के बाद अब एमएलसी चुनाव की डगर भी कठिन होती जा रही है। सूत्रों की मानें तो मंगलवार देर शाम सपा छोड़कर राजेश सिंह महुआरी ने भाजपा का दामन थाम लिया है और पार्टी उन्हें एमएलसी पद का प्रत्याशी भी बनाने जा रही है।
अगर ऐसा होता है तो सपा को अपने ही पुराने साथी से चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। निर्विरोध एमएलसी चुने जाने का सपना पाले बैठी सपा के लिए यह करारा झटका साबित होगा। कभी सपा के जुझारू नेताओं में गिने जाने वाले राजेश सिंह महुआरी ने मंगलवार देर शाम भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
पार्टी सूत्रों की मानें तो राजेश सिंह महुआरी को पार्टी एमएलसी पद का उम्मीदवार बनाने का मन बना चुकी है लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष ने सहजानंद राय ने इसकी पुष्टि नहीं की और कहा कि बुधवार तक उम्मीदवार की घोषणा हो जाएगी।
बताते चलें कि पांच वर्ष पहले तक राजेश सिंह महुआरी की गिनती सपा के जुझारू नेताओं में होती थी। नगर पालिका चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी की मर्जी के खिलाफ अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा लेकिन पार्टी के दबाव में पीछे हटना पड़ा।
इसके बाद से ही सपा नेतृत्व और महुआरी के बीच दरार पड़नी शुरू हुई जो समय बीतने के साथ बढ़ती ही गई। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामदर्शन यादव जब भाजपा में शामिल हुए तो कई मौकों पर महुआरी को उनके साथ देखा गया। इसके बाद पार्टी ने इनकी सदस्यता समाप्त कर दी।
यह अलग बात है कि महुआरी तब से आज तक पार्टी या उसके नेतृत्व के खिलाफ कभी कुछ नहीं बोले। मंगलवार शाम एकाएक महुआरी भाजपा कार्यालय पहुंचे और पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। जिलाध्यक्ष सहजानंद ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
उन्होंने कहा कि महुआरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर सपा का दामन छोड़कर भाजपा का दामन पकड़ा है। उनके आने से जनपद के युवाओं में उत्साह का संचार हुआ है। इस मौके पर गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री विनोद राय, डा. श्याम नरायन सिंह, हरेंद्र सिंह, घनश्याम पटेल, विजय प्रकाश सिंह, रमाकांत मिश्र, जयनाथ सिंह, विद्याधर श्रीवास्तव, अशोक सिंह आदि उपस्थित थे।