उन्होंने बताया कि अपराध करने वाले बच्चे 25 वर्ष तक की आयु के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अपात्र घोषित किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा चालक व आटो चालकों का नंबर और वाहन स्वामी का नंबर दर्ज किया जा रहा है। साथ ही उनका अपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। ताकि भविष्य में कोई घटना घटित हो तो पुलिस आसानी से उसे पता लगा ले।