आजमगढ़/गोरियाबाजार। समाजवादी पार्टी की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद यह लोग भाजपा से हाथ मिलाने में भी गुरेज नहीं करेंगे। उक्त बातें इंडियन नेशनल लीग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद सुलेमान ने रविवार को बिलरियागंज में आयोजित यूपी इत्तेहाद फ्रंट की जनसभा के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि हमें मिशन के तौर पर काम करना होगा। तभी 2017 के चुनाव में सभी का समीकरण बिगड़ेगा। अगर मुसलमानों की एकता बढ़ेगी तो राजनैतिक ताकत मजबूत होगी। बिना राजनीति में भागीदारी के व्यवस्था परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के पास आय से अधिक संपत्ति होने की जांच हो रही है। इनके पास इतना धन आया कहां से। 2017 के विधान सभा चुनाव जीतने के फ्रंट गरीबों और महिलाओं को उनका हक दिलाने का कार्य करेगा। जनसभा की अध्यक्षता निजामुद्दीन इस्लाही और संचालन अफजल चमन ने किया। इस मौके पर मकसूद शाह, मो. आजम, तौकीर, आसिफ, जुम्मन खां, ओसामा, गोरख, नुरूलहुदा आदि उपस्थित थे।
इसके पूर्व शनिवार की देर रात फ्रंट की एक सभा तकिया क्षेत्र में हुई। इसमें वेलफेयर पार्टी आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सैय्यद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि आरएसएस एनसीआरटी से लेकर महत्वपूर्ण विभागों में अपने लोगों की नियुक्ति करके इतिहास को ही नहीं बहुत कुछ बदलने की साजिश कर रहा है। मुसलमानों के बच्चों को उठाना और आतंकवादी होने की चर्चा करना बटला हाउस से शुरू किया गया। परचम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर सलीम पीरजादा ने कहा कि अगर हमें अपना हक पाना है तो हमें राजनैतिक तौर पर मजबूत होना होगा। यह तब होगा जब हम संगठित होंगे।