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दस दिन बाद ससुराल से हथकड़ी लेकर भागा दामाद

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बिंद्राबाजार। चार दिसंबर को गंभीरपुर थाने के खर्राटी गांव स्थित ससुराल आए दामाद को पत्नी और सास ने बेहोश कर बंधक बना लिया था। उसके हाथ और पैर में हथकड़ी लगाकर कैद कर रखा था। दस दिन बाद बुधवार की रात करीब एक बजे किसी तरह वह उनके चंगुल से भाग निकला। गंभीरपुर बाजार के पास एक ढाबा संचालक की मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हथकड़ी और बेड़ी कटवाकर उसे मुक्त कराया। उसकी तहरीर के आधार पर पत्नी और सास के खिलाफ केस दर्ज कर चालान कर दिया है।
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अमरनाथ चौहान पुत्र स्व. छोटे चौहान शहर कोतवाली के सुलेमपुर गांव का निवासी है। साल 2003 में अमरनाथ की शादी गंभीरपुर थाने के खर्राटी गांव निवासी रंजना देवी से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। 2016 में अमरनाथ ने अपनी शहर में स्थित जमीन को 1.70 करोड़ रुपये में बेच दिया। मिले रुपये से अपना आलीशान मकान बनवाया लेकिन वह पत्नी की जिद के आगे मजबूर था। अमरनाथ ने अपनी पत्नी को एक कार खरीदकर दी। एक पिकअप, व्यापार करने के लिए चार सेट डीजे और काफी गहना बनवाकर दिया लेकिन पत्नी ने सब कुछ बेच दिया। चार दिसंबर को अमरनाथ को ससुराल निमंत्रण में बुलाया गया। अमरनाथ के मुताबिक भोजन करते समय उसके सिर पर हमलाकर बेहोश कर दिया गया। होश आया तो वह एक कमरे में कैद था। उसके हाथ और पैर में बेड़ियां थीं। पत्नी रंजना और सास प्रतिमा देवी उसे काफी प्रताड़ित करते थे। बुधवार की रात करीब एक बजे अमरनाथ किसी तरह से इनके चंगुल से आजाद हो गया। वह हथकड़ी समेत गंभीरपुर बाजार के पास सैनिक ढाबा पहुंचा। ढाबा पर मौजूद लोगों से अपनी बात बताई और पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब ढाई बजे पुलिस अमरनाथ को लेकर थाने लाई। अमरनाथ की हथकड़ी और बेड़ी काटी गई। अमरनाथ की तहरीर के आधार पर पुलिस पत्नी और सास के विरुद्ध केस दर्ज कर उनका चालान कर दी। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि आरोपियों का चालान कर दिया गया है। यह जांच की जा रही कि इस कृत्य में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
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