आजमगढ़। अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाकों में स्थित परिषदीय विद्यालय चमकाए जाने की तैयारी शासन ने शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत इन स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही जर्जर भवनों का निर्माण कार्य होगा। इसके साथ ही स्मार्ट क्लासें भी चलेंगी। राज्य परियोजना निदेशक (एसपीडी) ने ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर विकास कार्यों का प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश बीएसए को दिए हैं।
एसपीडी विजय किरन आनंद ने बीएसए को निर्देश देकर कहा कि अल्पसंख्यक बाहुल्य पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल व कौशल विकास से संबंधित योजनाओं में कमी को पूरा करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में चल रहे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण व नवीन विद्यालयों के भवनों के निर्माण को प्रस्ताव बनाएं। उन परिषदीय स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में, जहां छात्रों की संख्या के सापेक्ष अतिरिक्त कक्षा कक्षों अथवा शौचालयों समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की जरूरत है। वहां इस योजना के तहत अतिरिक्त कक्षा कक्ष, शौचालय, फर्नीचर, अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की स्थापना, ई-लर्निंग, स्मार्ट क्लास व शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार किए जाएंगे। ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर जिला स्तरीय समितियों से अनुमोदन के बाद प्रस्ताव उपलब्ध कराएं, जिससे स्वीकृति के लिए उन्हें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भिजवाया जा सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद विभाग के जेई अनिल सिंह को निर्देश दे दिए गए हैं। कहा गया है कि वह अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में स्थित परिषदीय विद्यालयों को चिन्हित कर विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाकर दें। हालांकि अभी तक तीन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। बाकी की तलाश की जा रही है।