आजमगढ़। मानव संपदा पोर्टल पर माध्यमिक प्रधानाचार्य व शिक्षकों का सेवा विवरण दर्ज कराने और अपलोड किए गए ब्योरे के सत्यापन में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। कई बार समयसीमा बढ़ाई। इससे मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से फर्जी शिक्षकों का चिन्हीकरण प्रभावित है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद अपने शिक्षकों और कर्मचारियों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कराने की मुहिम में बीते कई सप्ताह से जुटा है। डीआईओएस ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के 97 अनुदानित विद्यालयों के 1154 व 23 राजकीय विद्यालयों में 117 और 37 संस्कृत विद्यालयों के लगभग 100 शिक्षकों सहित कुल 1371 शिक्षकों के अंकपत्रों की जांच के लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य को सूचित किया गया है। भविष्य में शिक्षकों का वेतन, पेंशन सेवानैवृत्तिक लाभ और अवकाश स्वीकृति आदि के कार्य मानव संपदा पोर्टल के जरिए ही किए जाने हैं। विभागीय उदासीनता के चलते अभी तक 50 फीसद से भी कम शिक्षकों ने अपने डेटा का सत्यापन कराया है।
समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को उनके विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक विवरण निर्धारित प्रारूप पर मांगा गया है। अभी आधे लोग ही डाटा उपलब्ध करा पाए है। यदि समय से वह नहीं लाएंगे तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डा. वीके शर्मा, डीआईओएस, आजमगढ़।