बलरामपुर। जिले में मौसम में हो रहे बदलाव के बीच चर्म रोग के मामलों में तेजी देखी जा रही है। जिला अस्पताल की चर्म रोग ओपीडी में रोजाना 150 से 160 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इनमें अधिकांश मरीजों को खुजली, दाने, लाल चकत्ते और त्वचा फटने जैसी समस्याएं हो रही हैं, जिसका प्रमुख कारण एलर्जी और संक्रमण बताए जा रहा है।
चर्म रोग विभाग की डॉ. पूनम कुमारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में मरीजों की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन एलर्जी से संबंधित मामले बढ़े हैं। उन्होंने सलाह दी कि मरीजों को धूप से बचना चाहिए और बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनने चाहिए। साथ ही, छाता और चश्मे का इस्तेमाल करें, ठंडे पानी से नियमित रूप से हाथ-पैर और चेहरा धोएं।
खेतों में काम करने वाले सुबह 9 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद ही जाएं। बाइक के बजाय कवर वाली गाड़ियों का उपयोग करें।
डॉ. पूनम ने चर्म रोग से बचाव के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, नियमित स्नान करने और त्वचा को खुजलाने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि चर्म रोग के लक्षण दिखने पर तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें, जो जांच के बाद उचित इलाज की योजना बनाएंगे। कुछ चर्म रोगों को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।