आजमगढ़। भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश कार्य समिति सदस्यों की घोषणा बृहस्पतिवार को की गई। प्रदेश समिति में जनपद के छह नेताओं को जगह मिली है। इसमें कन्हैया निषाद, दिनेश लाल यादव निरहू, कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा, श्रीकृष्ण पाल, देवेंद्र सिंह, जयनाथ सिंह शामिल हैं। इस दिनेशलाल यादव निरहू का नाम थोड़ा चौकाने वाला है। समिति का सदस्य बनने से यह तय है कि वो अभी भाजपा से लंबी राजनीतिक पारी खेलने वाले हैं।
प्रदेश कार्य समिति में सामिल कन्हैया निषाद वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार थे। हालांकि उन्हें सपा के संग्राम यादव से हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने उन पर विश्वास जताते हुए प्रदेश कार्य समिति सदस्य बनाया है। अंदरखाने पंचायत चुनाव में भी वो बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। भोजपुरी सिने स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में सदर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी थे। पार्टी ने उन्हें सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ मैदान में उतारा था। हालांकि उन्हें चुनाव में हार मिली, लेकिन पार्टी ने उन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया है। इससे तय है कि वो अभी भाजपा से लंबी राजनीतिक पारी खेलेंगे।
बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा भी 2017 में दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी थे। इस चुनाव में उन्हें बसपा के सुखदेव राजभर से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले भी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य थे। पार्टी ने उन्हें दोबारा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया है। श्रीकृष्ण पाल भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर कई बार गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भी वह पार्टी के उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पार्टी ने उन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र से 2017 में भाजपा के उम्मीदवार रहे देवेंद्र सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। वह काफी दिनों से पार्टी में हैं। एक बार पार्टी के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। अब पार्टी ने उन्हें प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया है। पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह को भी पार्टी ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया है। छात्र राजनीति के बाद भाजपा से जुड़े रहे जयनाथ सिंह सदर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हो सकी।