आजमगढ़। अदालत ने हत्या के जुर्म में दो सगे भाईयो समेत छह को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक को 28 हजार का अर्थदंड लगाया। बुधवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश शिवचंद यादव की अदालत ने सुनाई। घटना जीयनपुर थाना क्षेत्र के रशीदाबाद गांव की है।
मुकदमे के अनुसार भूमि बंटवारे को लेकर हुई पंचायत में कोई हल न निकलने पर आरोपितों ने एक फरवरी 2007 की रात लभग आठ बजे आरोपितों ने मारपीट की थी। जिसमें घायल पल्टन हरिजन की जिला अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई थी। इस संबंध में रशीदाबाद गांव निवासी रामबदन यादव ने आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया था कि उसके भाई अर्जुन के बीच बंटवारे का विवाद चल रहा था। घटना की शाम गांव में हुई पंचायत में कोई हल न निकलने पर वह अपने घर चला गया। वह मंड़ई में आग ताप रहा था। उसी समय उसका भाई अर्जुन, अपने लड़के अमरजीत और समरजीत पुत्र राम विलास यादव, रामसरीक और कैलाश पुत्रगण विन्ध्याचल यादव और समरजीत के बुआ का लड़का उसके दरवाजे पर भलाबुरा कहते पहुंचे। खतरा देख वह भागने का प्रयास किया, लेकिन आरोपितों ने घेर कर उसे मारने लगे। शोर की आवाज पर गांव के पल्टन हरिजन और उनका लड़ा उमाकांत और राम प्रकाश भारती मौके पर पहुंचे। जब उसे बचाने का प्रयास करने लगे तो अर्जुन के कहने पर समरजीत ने पल्टन को बरछे से मार दिया। बचाने के लिए उसका लड़का पहुंचा तो प्रताप, रामसरीक और कैलाश ने लाठी-डंडे से मारकर घायल कर दिया। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचारार्थ जिला अस्पताल ले गई। जहां डाक्टरों ने पल्टन को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जीयनपुर थाना पुलिस ने अर्जुन यादव, अमरजीत यादव, समरजीत यादव, रामसरीक, कैलाश और जिला मऊ थाना दोहरीघाट के क म्हरिया निवासी प्रताप पुत्र बासदेव के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे एसपीओ राम कुबेर और सहायक शासकीय अधिवक्ता अलोक कुमार त्रिपाठी ने इस मुकदमे के वादी समेत कुल 10 गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद हत्या के जुर्म में आरोपी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।