मतदाता सूची में विकास यादव का नाम 13 बार दर्ज होने और समाजवादी पार्टी की तरफ से मुद्दा उठाए जाने पर हुई जांच के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने दोषी बीएलओ गीता देवी-प्रथम, गीता देवी-द्वितीय, सुनीता देवी, शीला देवी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) एवं उमेश कुमार यादव (रोजगार सेवक) और कंप्यूटर सहायक संजय कुमार प्रजापति को मतदाता सूची संबंधी कार्य से हटा दिया है। सेवा समाप्ति के लिए सभी को नोटिस दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/ तत्कालीन सदर एसडीएम नरेंद्र गंगवार, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. मोनिका अग्रवाल (आयुर्वेदिक चिकित्सक) और माधवेंद्र प्रताप सिंह (तत्कालीन नायब तहसीलदार सदर) के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कार्रवाई किए जाने से पूर्व उनको आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।