लाटघाट। भीमली का पूरवा, त्रिलोकी का पूरवा और मुरारी का पूरवा के 18 घर 2019 में कटान में बह गए थे, लेकिन उन परिवारों के बिजली कनेक्शन अभी तक बंद नहीं किए गए हैं। लगातार बिजली बिल जारी हो रहे हैं। यह बातें ग्रामीणों ने डीएम रविंद्र कुमार द्वारा सोमवार को बाढ़ प्रभावित गांवों के दौरे के दौरान कहीं।
जिलाधिकारी सबसे पहले देवारा खास राजा और गांगेपुर गांव पहुंचे। उन्होंने सरयू नदी के किनारे सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुझाव भी लिए। उन्होंने बताया कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। पूरे देवारा क्षेत्र के 134 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं, जिनमें 78 गांव आबाद हैं। इन गांवों की सुरक्षा के लिए बाढ़ पूर्व तैयारियां तेजी से कराई जा रही हैं।
इसके बाद जिलाधिकारी देवारा खास राजा के मौजा बगहवा भी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के बीच खटिया पर बैठकर बच्चों और बुजुर्गों से बातचीत की। बच्चों सृष्टि और आदित्य से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।
बुजुर्ग महिलाओं गुलैची और दुर्गावती ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने तत्काल खंड विकास अधिकारी को पेंशन योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। संवाद