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सीता हरण, राम-शबरी संवाद मंचन ने मोहा

Tue, 20 Oct 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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पुरानी कोतवाली में चल रही श्री रामलीला में रविवार की रात कलाकारों ने सीता हरण, राम-शबरी संवाद के जीवंत मंचन से दर्शकों का मनमोह लिया। वहीं राम-सुग्रीव मित्रता के दौरान लगाए जा रहे जय श्री राम के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। फूलपुर, बोंगरिया और जहानागंज में भी श्रीराम की लीलाओं के मंचन हुए
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 श्रीरामलीला की शुरुआत भगवान श्रीराम की आरती से हुई। मंचन के क्रम में नाक काटे जाने के बाद सूपनखा अपने भाई रावण के दरबार में पहुंचती है। जहां सारी कहानी बताती है। इस पर रावण क्रोधित हो जाता है। रावण साधु का वेष धारण कर कुटी पर पहुंचता है और सीता जी का हरण कर ले जाता है।

इस दौरान रावण और जटायू का युद्ध होता है। उधर राम और लक्ष्मण जब कुटी पहुंचते हैं तो सीता जी को वहां न पाकर परेशान हो जाते हैं। दोनों भाई सीता जी की खोज में वन में भटकते हुए शबरी की कुटी पर पहुंचते हैं। श्रीराम को देखते ही शबरी खुशी से झूम उठती है और उनका स्वागत सत्कार करती है।  इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव मित्रता का कलाकारों ने मंचन किया।
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जहानागंज संवाददाता के अनुसार, बरहतीर जगदीशपुर में चल रही रामलीला में चौथे दिन कलाकारों ने राम वनगमन का मंचन किया। इस दौरान राम-केवट संवाद के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष अतुल राय, अविनाश, विनोद राय, जवाहिर राय आदि मौजूद थे।

बोंगरिया संवाददाता के अनुसार, रविवार को बोंगरिया बाजार में नव युवक मंगल दल रामलीला कमेटी द्वारा झांकी निकाल कर सीता विवाह का मंचन किया गया। विवाह के बाद सीता विदाई के मंचन से लोगों की आंखे नम हो गई।

मेजवां संवाददाता के अनुसार, फूलपुर रामलीला मैदान में चल रही रामलीला में रविवार की रात कलाकारों ने श्रीराम-केवट संवाद की प्रस्तुति की। सर्वप्रथम प्रभु श्री राम की आरती उतारी गई। इस दौरान श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जबकि श्रद्धालुओं ने अपनी भ्ाागीदारी दर्ज कराई।
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