आजमगढ़। जिले के संस्कृत विद्यालयों में हुई शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पड़ताल शुरू कर दी है। इस संबंध में एसआईटी ने डीआईओएस को पत्र भेजकर सूचना मांगी है। सभी संबंधित विद्यालयों को प्रोफार्मा भेजा है। इसमें नौ बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में 806 माध्यमिक विद्यालय हैं।
इनमें 97 वित्त पोषित, 26 राजकीय और 683 वित्त विहीन विद्यालय हैं। इसके अलावा 37 संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। इन संस्कृत विद्यालयों में 2010 से 2025 तक 58 से अधिक शिक्षक व कर्मचारी नियुक्त किए गए थे। इन शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मियों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा की शिकायत हुई तो एसआईटी को जांच सौंपी गई। एसआईटी ने 30 जुलाई को संयुक्त शिक्षा निदेशक व जिला विद्यालय निरीक्षक से नौ बिंदुओं पर सूचना मांगी थी लेकिन 23 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक पत्रावलियां भेजी नहीं जा सकी हैं। जबकि पत्रावलियां तीन दिन में उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए थे। विभाग की माने तो अभी ज्यादातर शिक्षकों व कर्मचारियों के अभिलेख एसआईटी को नहीं सौंपे गए हैं। शिक्षकों के अभिलेख अब तक क्यों नहीं मिले, इसका जवाब विभाग नहीं दे पा रहा है।
शिक्षकों की पत्रावली के लिए एसआईटी मार सकती है छापा
आजमगढ़। नियम विरुद्ध नियुक्त शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के मामलों की जांच एसआईटी ने तेज कर दी है। साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी कभी भी छापा मार सकती है। पिछले सप्ताह एसआईटी की ओर से संबंधित शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी पत्रावली तलब की थी। डीआईओएस कार्यालय में फाइल नहीं होने के कारण संबंधितों की सूची और प्रधानाचार्यों की ओर से मुहैया कराए गए दस्तावेज एसआईटी को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर मांगी गई सूचना
आजमगढ़। एसआईटी ने शिक्षा निदेशक व डीआईओएस से प्रोफार्मा भेजकर नौ बिंदुओं पर सूचना मांगी है। जिन बिंदुओं पर सूचना मांगी गई है उनमें अध्यापक का नाम पदनाम, विद्यालय का नाम, नियुक्ति तिथि, शैक्षिक अर्हता, नियुक्ति का प्रकार सीधी भर्ती या मृतक आश्रित, वेतन भुगतान विषयक जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश का पत्रांक एवं दिनांक, वेतन भुगतान आदेश निर्गत करने वाले जिला विद्यालय निरीक्षक का नाम, यदि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वेतन भुगतान किया गया है तो संबंधित रिट याचिका की संख्या, वादी प्रतिवादी का नाम एवं न्यायालय का आदेश व अभ्युक्ति शामिल है।
मामले में शासन की ओर से नियुक्त एसआईटी की टीम ने जांच शुरु कर दी है। जांच के क्रम में एसआईटी की ओर से संबंधितों की पत्रावली मांगी गई थी, लेकिन पत्रावली के अभाव में टीम को उपलब्ध सूची और नियुक्ति से जुड़ी सूचनाएं नहीं मुहैया जा सकी है। साथ ही कुछ अन्य सूचनाएं एसआईटी को जल्द ही भेजी जाएगी। यदि समय रहते नहीं भेजा गया तो एसआईटी कभी भी यहां आ सकती है। - उपेंद्र कुमार, डीआईओएस आजमगढ़।