परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए युवक ने भैंस बेची और कर्ज लिया और उन पैसों से रूस गया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह मुसीबत में फंस जाएगा। युवक इस समय कहां हैं, इस बारे में किसी को पता नहीं है।
परिजनों का आरोप है कि सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के बहाने योगेंद्र को रूस ले गए थे। वहां पहुंचने पर उसे बताया गया कि युद्ध की ट्रेनिंग करनी है। भाई को वापस लाने के लिए बहन भारतीय दूतावास को अब 50 से ज्यादा ई-मेल कर चुकी है। परिजन सांसद धर्मेंद्र यादव, विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी गुहार लगा चुके हैं।