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Azamgarh News: भाई की आवाज सुनकर टूटी बहन की बेहोशी, सीटों के नीचे दबी थी अनुष्का

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जिला अस्पताल में भर्ती सोनिका। संवाद
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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बृहस्पतिवार की रात हुए बस हादसे में घायल भाई-बहन की कहानी भावुक कर देने वाली है। हादसे के बाद दोनों बेहोश हो गए थे। करीब एक घंटे बाद होश में आए प्रिंस यादव (19) ने सबसे पहले चचेरी बहन अनुष्का (17) को तलाशा।
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वह सीटों के नीचे दबी थी। प्रिंस ने उसका नाम लेकर कई बार आवाज लगाई। आवाज सुनकर अनुष्का ने जवाब दिया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला गया।
मऊ के मधुबन क्षेत्र के मुरारपुर निवासी प्रिंस और अनुष्का बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के 191 किलोमीटर पर हादसे में घायल हुए। अनुष्का के कूल्हे में गंभीर चोट और आंखों में खून के थक्के जम गए हैं। प्रिंस के माथे पर चोट लगी थी। शनिवार दोपहर हालत में सुधार होने पर उसे जिला अस्पताल से घर भेज दिया गया।
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नींद में थे दोनों, तेज आवाज के साथ हुआ हादसा
जिला अस्पताल में भर्ती अनुष्का ने बताया कि वह भाई के साथ रोडवेज बस में बीच की सीट पर दाहिनी तरफ बैठी थी। एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने के बाद दोनों सो गए थे। अचानक तेज झटका लगा और जोरदार आवाज हुई। इसके बाद कुछ याद नहीं रहा। करीब 12:30 बजे प्रिंस को होश आया। सिर से खून बह रहा था। बहन दिखाई नहीं देने पर उसने कई बार फोन किया, लेकिन जवाब नहीं मिला।
अनुष्का ने बताया कि जून में करीब डेढ़ लाख रुपये देकर कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया था। वह कमरा लेकर नीट की तैयारी कर रही थी। डॉक्टर बनने का उसका सपना है। हादसे के बाद वह उस रात को याद कर भावुक हो जाती है।

जून में डेढ़ लाख रुपये देकर लिया था एडमिशन, कर रही थी नीट की तैयारी
परिजन अनुष्का को डॉक्टर बनाना चाहते हैं। इंटरमीडिएट पास करने के बाद उसे लखनऊ के एक बड़े कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी के लिए दाखिला दिलाया गया था। अभी दो माह ही बीते थे कि रक्षाबंधन पर घर लौटते समय हादसा हो गया। कूल्हे की हड्डी सरक गई और आंखों में खून के थक्के जम गए हैं। परिजनों के अनुसार, उसका एक साल बर्बाद हो जाएगा। पवई के अंडिका निवासी सोनिका (18) लखनऊ में रहकर आयुष की पढ़ाई करती है और खर्च निकालने के लिए निजी अस्पताल में नौकरी करती है। रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने घर आ रही थी। उसे रविवार को लखनऊ लौटना था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 193 किलोमीटर पर उतरना था। मां वहां इंतजार कर रही थीं। देर होने पर फोन करने पर सोनिका ने हादसे की जानकारी दी। इसके बाद मां भतीजे के साथ मौके पर पहुंचीं। सोनिका ने बताया कि 193 किलोमीटर पर उतरने के लिए वह एक-एक किलोमीटर देख रही थी। 191 किलोमीटर पर अचानक बस लहराई और दाहिनी तरफ धड़ाम की आवाज के साथ पिलर से टकरा गई। बस की सीटें टूटकर बिखर गईं और लोग दब गए। उसका दाहिना पैर फ्रैक्चर हुआ है और अंदर ब्लीडिंग हो रही है। उसने बताया कि लखनऊ से हीमोफिलिया की दवा चलती है। संभवत: उसे अगले दिन केजीएमयू रेफर किया जाएगा।
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दो बार जिसे दिया पास, उसने ही दिया आघात
जिला अस्पताल में भर्ती घायलों के अनुसार, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बस और पिकअप साथ ही चढ़े थे। रास्ते में पिकअप कई बार आगे-पीछे हुई। उसकी चाल से ऐसा लग रहा था कि चालक शराब के नशे में था। बस ने दो बार पिकअप को पास दिया। एक बार बस को किनारे कर करीब पांच मिनट तक रोक दिया गया, ताकि पिकअप आगे निकल जाए। 191 किलोमीटर पर लहराती पिकअप को बचाने में रोडवेज बस पिलर से टकरा गई।

जिला अस्पताल में भर्ती सोनिका। संवाद

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