आजमगढ़। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नई चीजें सामने आ रही हैं। जिले में कुल 37,14,258 मतदाताओं में से 98.25 फीसदी यानी 36,49,284 मतदाताओं के फाॅर्म को ऑनलाइन कर दिया गया है। अभी तक सत्यापन में 99,461 मतदाता मृतक मिले तो 1,41,206 का पता ही नहीं चला।
चुनाव आयोग के निर्देश पर एसआईआर के तहत मतदाता सूची को वेरिफाई, सही और अपडेट किया जा रहा है। इसमें काफी गहन जांच हो रही है। घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए जिले में कुल 3869 बूथों पर बीएलओ की तैनाती की गई है। इसके लिए 392 सुपरवाइजर को भी इस प्रक्रिया में लगाया गया है। बीएलओ घर-घर मतदाताओं से 2003 की मतदाता सूची से मिलान कर रहे हैं तो सबके नवीन फोटो भी लगाए जा रहे हैं। इसमें मृतक मतदाताओं से लेकर बाहरी तक की पहचान की जा रही है। जिले में बड़ी संख्या में अभी तक ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। अब निर्वाचन आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में करीब 98.25 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। यह अभियान 11 दिसंबर तक चलेगा। जिले में मृतक और अनुपस्थित मतदाताओं का आंकड़ा अभी और बढ़ेगा।
36,193 मतदाता ऐसे जो किसी श्रेणी में ही नहीं
जिले में एक-एक मतदाता की कुंडली खंगाली जा रही है। जिले में अभी तक 36,193 मतदाता ऐसे मिले हैं, जिनके बारे में कोई जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। इनको बीएलओ ने चिह्नित तो कर लिया है पर इनके बारे में कोई जानकारी बूथ से लेकर गांव तक नहीं मिल रही है। इनका घर, गांव से लेकर परिवार तक की पहचान नहीं हो पा रही है।
2.40 लाख ऐसे लोग बने रहे लोकतंत्र का हिस्सा
अभी तक लोकसभा व विधानसभा चुनावों के दौरान पुनरीक्षण का काम तो होता रहा है पर इस चुनावी सिस्टम का हिस्सा मृतक व बाहरी बने रहे। एसआईआर प्रक्रिया के शुरू होने से पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मृतकों और अनुपस्थितों के आंकड़े निकलकर आए हैं। एसआईआर में 2,40,667 मृतक और अनुपस्थित पाए गए हैं।
जिले में एसआईआर का कार्य अंतिम चरण में है। जिले में कुल मतदाताओं में से 98.25 फीसदी मतदाताओं की ऑनलाइन फीडिंग कर दी गई है। - राहुल विश्वकर्मा, एडीएम।