सऊदी अरब हुकूमत की ओर से शिया धर्म गुरु आयतुल्लाह बकर अल निम्र सहित अन्य को फांसी दिए जाने का विरोध आजमगढ़ में भी शुरू हो गया है। मंगलवार को एकजुट शिया समुदाय के लोगों ने रिक्शा स्टैंड पर धरना प्रदर्शन किया।
उधर मुबारकपुर में भी शिया समुदाय के लोगों ने धरना दिया। केंद्र सरकार से इस घटना को लेकर विरोध दर्ज कराए जाने की अपील की। लोगों ने भारत से सऊदी दूतावास के बीच संबंध खत्म किए जाने की मांग उठाई। धरने के अंत में एसडीएम सदर को ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार दोपहर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक शिया समुदाय के लोग रिक्शा स्टैंड पहुंचे। हाथ में काले झंडे लिए कार्यकर्ता पाकिस्तान, सऊदी अरब और आईएस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसरत हुसैन ने कहा कि वहाबी आतंकवाद पूरी दुनियां को परेशान कर रहा है।
आज अमेरिका और इजराइल की सह पर अफगानिस्तान, सऊदी, इराक में शिया समुदाय पर जुल्म ढा रही है। सैयद नवाब हैदर ने कहा कि जुल्म करना, जालिम का साथ देना, जुल्म पर खामोश रहना किसी न किसी तरह से जालिम की मदद है।
अरब की हुकूमत ने आयतुल्लाह बकर अल निम्र को शहीद करके पूरी दुनियां में फसाद फैलाने की कोशिश की है। असलम अब्बास ने कहा कि आले सऊद के खिलाफ सच बोलने की कीमत अपनी जान की कुर्बानी देकर निम्र को चुकानी पड़ी।
ऐसे में हर अमन पसंद इंसान की जिम्मेदारी है कि वह जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करे। भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि वह जुल्म के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराए और भारत में सऊदी के दूतावास से संबंध खत्म कर ले।
धरने को मौलाना वफीम रिजवी, मौलाना इकरार हुसैन, नदीम असगर, कल्बे हसन ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जमीरुल हसन और संचालन जीशान हैदर ने की। अंत में एसडीएम सदर को मांग पत्र सौंपा गया। शिया कमेटी के चेयरमैन अजादार हुसैन ने धरने में शामिल सभी के प्रति आभार जताया।
इसी क्रम में मुबारकपुर में भी शिया समुदाय के लोगों ने धर्मगुरु फांसी देने के विरोध में मुहल्ला शाह मुहम्मदपुर के शिया जामा मस्जिद परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सऊदी अरब और आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए गए। एसडीएम सदर को ज्ञापन साैंपा। इस मौके पर मौलाना अहमद मजलिसी,अख्तर अब्बास सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।