राडवेज पर लॉकडाउन के दौरान वाहनों के कम संचालन होने से टकते यात्री।
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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हर हफ्ते 55 घंटे की बंदी घोषित की है। रविवार को भी हर चौराहे और तिराहे पर पुलिस के जवान मौजूद रहे। हर आने जाने वाले की चेकिंग हुई। छु्ट्टी का दिन होने के कारण लोग घरों में रहे जिसके कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बारिश ने भी लोगों को घरों में कैद रखा।
रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण सड़कों पर आवाजाही काफी कम थी। दूसरे सुबह से ही हो रही बारिश ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर किया। बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। लेकिन पुलिस के जवान अपनी ड्यूटी पर पूरी तरह से मुस्तैद रहे। फल, दूध, दवा और सब्जी की दुकानें खुली रहीं। अगर किसी को कुछ खरीदारी करनी थी तो वह बाहर निकला। इक्का दुक्का दुकानदारों ने चोरी छिपे दुकान खोलने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे बंद करा दिया।
ऑटो रहे बंद, बाहर से आने वालों को हुई परेशानी
सरकार के निर्देश पर लाक डाउन के दौरान रोडवेज बसों का संचालन बंद रहा। लेकिन ट्रेनों का संचालन जारी रहा। जिससे आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर काफी संख्या में यात्री पहुंचे। उन्हें घर जाने के लिए आटो की जरूरत थी लेकिन ऑटो का संचालन बंद होने के कारण उन्हें पैदल ही घर के लिए रवाना होना पड़ा। ट्रेन से आने वाले बाहर के यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रोडवेज विभाग की ओर से रेलवे स्टेशन पर बसों की व्यवस्था की गई थी। जिसके माध्यम से उन्हें उनके गंतव्य को पहुंचाया गया।
आजमगढ़ रेलवे स्टेेशन पर आईं तीन ट्रेनें
भले ही प्रदेश सरकार की ओर से रोडवेज बसों का संचालन बंद कर दिया गया हो। लेकिन ट्रेनों का संचालन बंद नहीं किया गया है। रविवार को जनपद में तीन ट्रेनें ताप्ती गंगा, सरयू यमुना और साबरमती एक्सप्रेस ट्रेनें आईं। इन ट्रेनों से सैकड़ों की संख्या में यात्री आजमगढ़ पहुंचे।
राडवेज पर लॉकडाउन के दौरान वाहनों के कम संचालन होने से फंसे यात्री।- फोटो : AZAMGARH