आजमगढ़। देश के प्रमुख श्रमिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों को आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जनपद में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने कहीं धरना, तो कहीं जुलूस और कैंडिल मार्च निकाला। कई संगठनों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा।
अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों ने कार्यालयों में तालाबंदी करने के साथ कई स्थानों पर धरना दिया। धरने के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार को कर्मचारी विरोधी बताया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। बैंक, एलआईसी आदि कार्यालयों में ताले लटके रहे। कुंवर सिंह उद्यान में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें शिक्षक विरोधी है। हम अपने संघर्ष के बल पर पुरानी पेंशन बहाली करके ही दम लेंगे। बोले मेरे शरीर का एक-एक कतरा शिक्षक कर्मचरियों के नाम है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राष्ट्रव्यापी संघर्ष का ऐलान हो चुका है। अब देश में दोहरी नीति नहीं चलने दी जाएगी। देश के सांसद और विधायक अपने तो पुरानी पेंशन का लाभ ले रह हैं लेकिन शिक्षक कर्मचारियों के गाढ़े पसीने की कमाई को शेयर बाजार के हवाले कर रहे हैं। गिरीश चतुर्वेदी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। जिसकी बहाली को लेकर शिक्षक और कर्मचारियों ने जिस एकता और साहस के साथ सहयोग और समर्थन दिया वह इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इस देश व्यापी हड़ताल में कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश कर्मचारी महासंघ, यूपी बैंक इंप्लाईज यूनियन, पेंशन विहीन मोर्चा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन, विभिन्न शिक्षक संगठन सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल रहे।