कार्रवाई ढीली पड़ते ही परिवहन विभाग कार्यालय के आसपास फिर अवैध रूप से दुकानें लगने लगी हैं। कुछ माह पूर्व तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर गौरव कुमार ने सभी दुकानों को हटवाया था लेकिन कुछ माह बाद फिर स्थिति जस की तस हो गई। दुकानदार सड़क के किनारे अपनी दुकान लगा रहे हैं।
दरअसल, कुछ माह पहले आरआई के साथ हुए विवाद के बाद कार्यालय परिसर में मंडराने वालों पर शिकंजा कसा गया। मामला अफसर से जुड़ा होने के कारण प्रशासन ने भी सख्ती दिखाई। सरकारी कार्यालय के बाहर से काउंटर लगाकर अवैध दुकान चलाने वालों को पुलिस ने खदेड़ दिया। पूरा मार्ग साफ हो गया। जाम की स्थिति से भी राहत मिलने लगी। तत्कालीन एसडीएम ने सड़क के किनारे हुए अतिक्रमण को पूरी तरह से हटा दिया था लेकिन उनके जाने के बाद सब जस का तस हो गया। प्रशासन की कार्रवाई ढीली पड़ते ही फिर से यह कार्यालय के आसपास मंडराने लगे हैं। वहीं, ठेली-खोमचों और स्थायी दुकानों में छिपकर अवैध कारोबार कर रहे हैं। कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस फिटनेस, टैक्स जमा आदि से लेकर अन्य कार्यों के लिए पहुंचने वाले लोगों से वसूली कर करने में लगे हैं। उनकी आनलाइन आवेदनों की फाइल लेकर कार्यालय के आसपास चक्कर लगाते रहते हैं।
कुछ माह पूर्व एसडीएम सदर ने इस मार्ग पर होने वाली कई दुकानों को हटवा दिया था। इसके बाद राहत मिली थी लेकिन फिर स्थिति यथावत हो गई। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। अब यहां से कार्यालय गंभीरवन जाएगा तभी राहत मिलेगी।-संतोष कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन।