बैंक अधिकारी बनकर फोन से लोगों के एटीएम कार्ड नंबर और पिन कोड पूछकर उनके खाते से आनलाइन शापिंग करने वाले दो ठगों को क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सूरत के ओलपाढ़ी गांव से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पांच लाख रुपये मूल्य के सामान बरामद हुए। मंगलवार को इसका खुलासा एएसपी ग्रामीण मोहम्मद इमरान ने पुलिस लाइन में पत्रकारों के बीच किया। उन्होंने बताया कि इनका सरगना झारखंड के जामतारा जिले में है। वहीं से वह वारदात को अंजाम देता है।
एएसपी के अनुसार सीएचसी जीयनपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. चंद्रप्रकाश गुप्त के मोबाइल पर स्टेट बैंक का अधिकारी बनकर किसी ने फोन किया। बाद में खाते से 91 हजार रुपये की आनलाइन खरीदारी कर ली गई। साइबर सेल प्रभारी आजम अली खां ने जांच की तो पता चला कि माल की डिलीवरी कोरियर के जरिए गुजरात प्रांत के सूरज जिले में मोहम्मद भाई के नाम से हुई है। इसके बाद आजम के नेतृत्व में एक टीम को सूरत गई।
क्राइम ब्रांच सूरत की मदद से टीम ने उमरी थाने के ओलपाढ़ी गांव में छापेमारी कर मोहम्मद भाई उर्फ मोहम्मद हाशिम और मोहम्मद जहीर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों झारखंड प्रांत के जामतारा जिले के कर्माटाड थाने के पारटोर कोरिडा गांव के रहने वाले हैं।
इनके पास से एक टीवी, चार लैपटाप, 19 मोबाइल, दो पेन ड्राइव आदि बरामद हुए। एएसपी ने बताया कि इनका सरगना अब्दुल करीम है। जो लोगों के गुप्त कोड मिलने के बाद आनलाइन खरीदारी करके सूरत में माल की डिलीवरी कराता है।
गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर पुलिस दोनों को यहां लाई है। पुलिस अब सरगना की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। बताया कि पुलिस की सक्रियता से आरोपी गिरफ्त में आ सके। जल्द ही आैर आरोपी शिकंजे में होंगे।