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पर्यटन केंद्र बनेगा रासेपुर स्थित शिवमंदिर

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रासेपुर स्थित मंदिर। - फोटो : AZAMGARH
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तरवां। मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र के रासेपुर के प्राचीन शिवमंदिर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है। इसके लिए 19.51 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सात जनवरी को इसका शिलान्यास किया था।
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जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर मेंहनगर तहसील क्षेत्र के तरवां विकास खंड की रासेपुर ग्रामसभा है, जहां तकरीबन 400 साल पुराना शिवमंदिर है। मंदिर को1712 ई. में गांव के ही ऋतु साहू ने बनवाया था जो अब जीर्णशीर्ण हालत में पहुंच गया है। इस मंदिर के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा है। दूर-दूर से लोग दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं। गांव और क्षेत्र के लोगों ने इसके सुंदरीकरण का प्रयास शुरू किया। अब राज्य सरकार की ओर से इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके जिले 19.51 लाख रुपये का बजट जारी किया है लेकिन चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण इस पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। लेकिन चुनाव आचार संहिता हटने के बाद इस पर कार्य शुरू होगा।
प्रतिवर्ष देव दीपावली पर यहां जलते हैं हजारों दीपक
तरवां। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों की इस मंदिर के प्रति अगाध श्रद्घा है। जिसका परिणाम है कि पूरे वर्ष यहां कोई न कार्यक्रम और अनुष्ठान होते रहते हैं। देव दीपावली के अवसर पर क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रतिवर्ष इस मंदिर को दीपों से रोशन किया जाता है। अभी इस बार ही इस मंदिर को 21000 से अधिक दीपों से रोशन किया गया था। यह मंदिर हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक भी है। यहां पर मुसलमानों के साथ ही निरंकारी मिशन के साथ अन्य धर्म के लोग आकर अपने अपने इष्ट देवता को साक्षी मानकर पूजा अर्चन करते हैं। यहां सुबह शाम लोग भ्रमण के लिए आते हैं। इस मंदिर के पुजारी अशोक गिरी द्वारा जन सहयोग से लगभग चार वर्षों से अखंड ज्योति जलाते हैं।
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यहां बने कुंए में डाली जाती थी चीनी
तरवां। यहां पर एक कुआं है। जिसके बारे में लोग बताते हैं कि इस कुएं से राहगीर लोग पानी पिया करते थे। इस कुएं में पहले चीनी डाली जाती थी जिससे इस का पानी मीठा हुआ करता था। राहगीर इसका पानी शर्बत के रूप में ग्रहण करते थे। लोगों के सहयोग से कई बोरीचीनी कुएं में डाली जाती थी। जिससे इस कुएं का पानी हमेशा शर्बत की तरह का होता था। इसी कुएं के रस के चलते गांव का नाम रासेपुर पड़ा।
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