विभिन्न मांगों को लेकर सोशल आडिट टीम सदस्य संघ द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से निदेशक सोशल आडिट निदेशालय ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ को मांग पत्र सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष रत्नेश गुप्ता ने कहा कि सोशल आडिट टीम के सदस्यों का पुन: नवीनीकरण किया जाए। इससे शासन केे धन और समय की बचत होगी क्योंकि वे शासन के निदेशालय द्वारा प्रशिक्षित किए गए हैं।
टीम के मदाों की जांच के समय अभिलेख उपलब्ध नहीं रहता है। अभिलेख के रूप में केवल नरेगा जाबकार्ड धारकों की सूची इंटरनेट से निकालकर दी जाती है। ग्र्राम पंचायत के आडिट के समय ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकि अधिकारी और पर्यवेक्षक मौजूद नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल आडिट टीम के सदस्यों को अभी तक कोई मानदेय नहीं मिला है। इस मौके पर धर्मेंद्र जायसवाल, आशीष राय, ओमकार मौर्य, श्रद्धानंद यादव, सुनील कुमार, अबूजर अहमद, संजय यादव, मोहन सिंह आदि रहे।