जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से आबकारी विभाग व देशी शराब की दुकान संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया है। निलंबित दुकानों को सीज करा दिया गया है।
इन दुकानों को किया गया निलंबित
डीएम अमृत त्रिपाठी ने बताया कि माहुल में हुए जहरीली शराब कांड के बाद ही देशी शराब की दुकान माहुल, अंबारी व बिलारमऊ को निलंबित कर दिया गया था। था। इन तीनों दुकानों पर जहरीली शराब बरामद हुई थी।
वहीं पुलिस द्वारा 20 फरवरी को एक बड़े अंर्तजनपदीय शराब गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में शहर के सिविल लाइंस स्थित देशी शराब की दुकान, बूढ़नपुर देसी शराब की दुकान, अजमतगढ़ देसी शराब की दुकान, जीयनपुर में अंग्रेजी शराब की दुकान व लालगंज तहसील के गोसाई बाजार स्थित बीयर की दुकान शामिल है।
माहुल कस्बे में जहरीली शराब कांड के तीसरे दिन बुधवार को भी मातम का माहौल रहा। दुकानें बंद रहीं तो पीड़ित परिवारों के घर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। कई मोहल्लों के घरों में चूल्हे नहीं जले। पीड़ित परिवारों के सदस्यों का करुण क्रंदन व पुलिस वाहनों के सायरन की आवाज गूंजती रही।
नगर पंचायत माहुल में जहरीली शराब कांड को लेकर लोगों में गम और गुस्सा देखने को मिल रहा है। शराब कांड में जान गंवाने वाले लोगों में ज्यादातर माहुल कस्बे के लोग शामिल हैं। अभी कई लोगों का इलाज भी चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी है।
माहुल कस्बे के साथ ही आसपास के गुमकोठी, राजापुर माफी, नाटी, इमामगढ़, दखिनगांवा आदि गांवों में भी गुस्सा है। लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाकर शराब फैक्ट्री पकड़ी है, अगर यह कार्रवाई पहले ही हुई होती तो शायद यह घटना नहीं होती।