श्रम कार्यालय के संबंध में मिल रही शिकायतों और अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने सोमवार को उप श्रमायुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सात कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
श्रम कार्यालय में व्याप्त कमियों की जनता से मिल रही शिकायतों और 'अमर उजाला' में 'दो मई' के अंक में 'पेज नंबर दो' पर 'महज सब्जबाग हैं योजनाएं' शीर्षक से खबर का प्रकाशन होने के बाद जिलाधिकारी ने इसे संज्ञान में लेते हुए सोमवार को उपश्रमायुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में उन्होंने पाया कि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और अधिकारियों के रजिस्टर अलग-अलग हैं।
उन्होंने एक ही उपस्थिति पंजिका बनाने का निर्देश दिया। निरीक्षण में कुल सात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिससेे महंत प्रजापति, जयशंकर प्रसाद, जयप्रकाश शर्मा, अरविंद कुमार सिंह, सुरेश प्रजापति, सरिता यादव, वृजेश राय थे। सभी के वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि शिकायतों पर तत्काल विराम नहीं लगा तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी मजदूर के साथ ब्लैंकमेलिंग नहीं होनी चाहिए।
अगर कोई व्यक्ति दलाली में लिप्त मिला तो कठोर कार्रवाई होगी। निरीक्षण में फाइलें अपूर्ण मिलने पर उन्होंनेे संबंधित कर्मचारी को निर्देश दिया कि कार्यों में पारदर्शिता लाते हुए मजदूरों का पंजीकरण करें। नोटिस तामिला के निरीक्षण में कमियां मिलने पर उसे दूर करने का निर्देश दिया। मौके पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा भी थे।