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आजमगढ़ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक मुख्यालय अटैच, अजीत हत्याकांड के बाद कार्रवाई

Tue, 09 Feb 2021 10:52 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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ट्रांसफर(सांकेतिक) - फोटो : social media
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अजीत हत्याकांड की साजिश आजमगढ़ में होने की बात सामने के बाद आखिरकार आजमगढ़ वरिष्ठ जेल अधीक्षक पर गाज गिर गई। इसकी संभावना 20 दिन पहले एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी के जेल के औचक निरीक्षण करने के बाद ही जताई जाने लगी थी। डीएम ने निरीक्षण की गोपनीय रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा को महानिदेशक कारागार के कार्यालय से अटैच कर दिया गया। फतेहपुर कारागार से विनोद सिंह को वरिष्ठ जेल अधीक्षक के पद पर यहां भेजा जा रहा है। 

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जिला जेल हमेशा चर्चाओं में रहा है। यहां अपराधी जेल में होने के बाद भी अपराध करते रहते हैं। अक्सर जेल से रंगदारी मांगने, धमकाने की सूचना आती रहती है। वर्तमान में प्रदेश के टॉप-10 सूची में शामिल ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह भी इसी जेल में बंद है। कुछ दिनों पूर्व सगड़ी तहसील में तैनात एक कर्मचारी को जेल से कुंटू ने धमकाया था।

वहीं, जहानागंज क्षेत्र के एक व्यक्ति ने कुंटू पर धमकाने का आरोप लगाया था। इन दोनों मामलों में जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। अब लखनऊ पुलिस ने अजीत हत्याकांड के तार सीधे तौर पर जिला कारागार से जोड़ दिए। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई थी। इसके बाद शासन की ओर से उन्हें मुख्यालय अटैच किया गया है।
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डेढ़ साल पूर्व जेल से बरामद हुए थे दर्जनभर मोबाइल सेट
आजमगढ़ जिला कारागार प्रशासन पहले से ही संदिग्ध रहा है। लगभग डेढ़ साल पूर्व जिला कारागार में कैदियों के दो गुटों के बीच भिड़ंत हो गई थी। पुलिस महकमा काफी मशक्कत के बाद  उपद्रव पर काबू पा सका था। इसके बाद जेल के निरीक्षण में परिसर से दर्जन भर मोबाइल सेट बरामद हुए थे।

स्थानांतरण के बाद भी जमे रहे  
आजमगढ जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक आरके मिश्रा का पूर्व में स्थानांतरण हो चुका है। यहां नैनी जेल के अधीक्षक को भेजा गया था, लेकिन न तो नैनी जेल के अधीक्षक यहां आए न ही आरके मिश्रा यहां से गए। अधीक्षक के स्थानांतरण का मामला कागजात से शुरू हुआ और कागजात में ही दब कर रह गया।
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