आजमगढ़। पंचायतों में कार्यरत कर्मियों को ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का प्रशिक्षण मिलना है। कर्मचारियों के प्रशिक्षण के बाद गांवों में लोगों को घर बैठे आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र के साथ 250 प्रकार की ई-डिस्ट्रिक्ट की सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।
सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन की बेहतर सेवाएं विकसित होंगी। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवों व पंचायत सहायकों को वर्चुअल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ई-गर्वनेंस की सेवाओं में सुधार होगा। सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) वेब आधारित ऑनलाइन साॅफ्टवेयर एप्लिकेशन है। इसे नियंत्रक महालेखाकार (सीजीए) व्यय विभाग वित्त मंत्रालय भारत सरकार से विकसित व कार्यान्वित किया गया है।
इसका उद्देश्य कुशल निधि प्रवाह प्रणाली के साथ भुगतान सह लेखा नेटवर्क स्थापित करके ग्रामीण आबादी को मजबूत वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराना है। ई-गर्वनेंस की सेवाएं मुहैया कराना काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का कार्य है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों व पंचायत सहायकों को वर्चुअल प्रशिक्षण दिया जाना है। डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि इससे आम जनता को काफी लाभ मिलेगा।
आसानी से मिले सकेंगी ऑनलाइन सेवाएं
आजमगढ़। गांवों के विकास के साथ आय, जाति, निवास, हैसियत, जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्रों को जारी करने, निराश्रित, वृद्धावस्था व दिव्यांगजन पेंशन, शादी अनुदान, ई-पैन कार्ड, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, ई-श्रम कार्ड, बिजली बिल, आधार संशोधन व पैन कार्ड आवेदन करने का तरीका सिखाया जाएगा। इससे ई- डिस्ट्रिक्ट के तहत सभी प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं में सुधार आएगा।