आजमगढ़। प्रदेश के टॉप टेन अपराधी ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह पर इन दिनों पुलिस व प्रशासनिक अमला ताबड़तोड़ कार्रवाई में लगा हुआ है। इसके तहत कुंटू सिंह की अवैध रुप से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर जब्त करने के साथ ही ध्वस्तीकरण आदि की कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत जीयनपुर कस्बा स्थित कुंटू सिंह व उनकी पत्नी के नाम के दो मकानों पर भी नगर पंचायत द्वारा ध्वस्तीकरण की नोटिस चस्पा की गई थी। जिसमें अब दोनों मकानों के अन्य हिस्सेदारों की तरफ से आपत्ति आ जाने के बाद पेंच फंस गया है। नगर पंचायत प्रशासन अब नए सिरे से जांच पड़ताल में जुटा हुआ है।
जीयनपुर कस्बे में कुंटू सिंह द्वारा दो मकानों के अगले हिस्से की खरीद की गई है। जिसमें एक कुंटू सिंह के नाम है तो दूसरा उसकी पत्नी के नाम से है। डीएम की तरफ से इन दोनों संपत्तियों की जांच कराई गई तो नक्शा ही पास नहीं मिला। जिस पर डीएम के निर्देश पर ईओ अखिलेश कुमार यादव ने 5 नवंबर को दोनों मकानों पर ध्वस्तीकरण की नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस में 15 दिनों के अंदर उक्त अवैध निर्माण को स्वयं गिराने का निर्देश दिया गया था, अन्यथा की स्थिति में नगर पंचायत दोनों अवैध निर्माणों को ढहवाएगी और खर्च की वसूली भू राजस्व की भांति करेगी। नगर पंचायत के नोटिस की समय सीमा बीत चुकी है और वहीं इस नोटिस पर उक्त मकानों के अन्य हिस्सेदारों की तरफ से आपत्ति दाखिल हो गई है। जिसके चलते कुंटू सिंह व उनकी पत्नी के नाम के दोनों भवनों के ध्वस्तीकरण में पेंच फंस गया है। दोनों मकान सगड़ी निवासी स्व. अयूब के थे। अयूब के बाद इस पर उनके चार पुत्रों वसीम, नसीम, कलीम व अलीम का नाम चढ़ा। जिसमें वर्तमान में सिर्फ अलीम ही जीवित है। कुंटू सिंह ने उक्त भवन के अगले हिस्से को वसीम के पुत्रो फहीम, नदीम, तस्लीम, तनवीर व पत्नी किश्वरी से बैनामा लिया और पूरे मकान पर काबिज हो गया। अब ध्वस्तीकरण की नोटिस के बाद दोनों मकानों के अन्य हिस्सेदारों ने अपनी आपत्ति दाखिल कर दिया है। जिसके चलते फंसे पेंच से नगर पंचायत प्रशासन परेशान हो गया है।
कुछ लोगों की आपत्ति आई है, जिस पर जांच पड़ताल की जा रही है। विधिक राय भी मांगी गई है। इसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाएगी। आपत्तियों के अनुरूप जांच कर प्रकरण का पहले निस्तारण किया जाएगा।
अखिलेश कुमार यादव, ईओ, नगर पंचायत जीयनपुर।