जिले में गर्मी के बढ़ते ही बिजली आपूर्ति चरमरा गई है। दिनभर ट्रिपिंग हो रही है। इससे उपभोक्ता परेशान है। निगम का दावा है कि शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है। हकीकत में शहरी क्षेत्र में लोगों को 22 घंटे के बजाय 17 घंटा ही बिजली मिल रही है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के बजाय 12 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। जिले में लगभग 440 से 445 मेगावाट प्रतिदिन बिजली की खपत हो रही है। सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि इधर दो दिनों से अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है।
तापमान में गिरावट आने के बाद भी बिजली कटौती जारी है। बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान है। शहरी क्षेत्रों दिन में कई बार बिजली कट रही है।
ग्रामीण क्षेत्र तरवा, पल्हना, अहरौला, मेहनाजपुर, बूढ़नपुर, पवई, लाटघाट में दिन में कई बार कटौती हो रही है। उपकेंद्र बरदह क्षेत्र के गांवों में सुबह आठ बजे बिजली गुल हो जा रही है। शाम पांच बजे बिजली आ रही है। लोगों को दिन भर बिना बिजली के ही रहना पड़ रहा है। मेंहनगर क्षेत्र में कई स्थानों पर जर्जर तार नहीं बदले गए हैं।
बिंद्राबाजार क्षेत्र में बिजली कटौती से उद्यमी और दुकानदार परेशान है। बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जिले में कई योजनाएं संचालित हैं। कई क्षेत्रों में अभी भी जर्जर तार नहीं बदले गए हैं।
बांस के सहारे तार खींचे गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। शॉर्ट सर्किट से किसानों का नुकसान न हो इसलिए दिन में बिजली आपूर्ति बंद कर दी जा रही है।
अधीक्षण अभियंता घनश्याम ने बताया कि गांवों में शेड्यूल के अनुसार ही बिजली दी जा रही है। कई स्थानों पर बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए काम चल रहा है। इसलिए वहां पर शटडाउन लेना पड़ता है। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने का पूरा प्रयास रहता है।