समाज कल्याण विभाग की ओर से ब्रह्मस्थान पर अनुसूचित जाति की बालिकाओं के लिए छात्रावास बनवाया गया था। पूर्व में इस इमारत को प्रोबेशन विभाग को बाल सुधार गृह के लिए दे दिया गया था। प्रोबेशन विभाग से इसी प्रांगण में 2008 में साढ़े 12 लाख की लागत से अधीक्षक आवास बनाया गया।
जनवरी 2015 में बाल सुधार गृह बच्चों के न होने से मिर्जापुर स्थानांतरित कर दिया गया। कर्मचारी भी वहीं से अटैच हो गए। विधानसभा में इस इमारत में फिर से अनुसूचित जाति की बालिकाओं के लिए छात्रावास शुरू कराने के लिए समाज कल्याण विभाग को वापस करने संबंधी प्रश्न उठाने पर इसे आश्वासन समिति को भेजा गया था।
वर्तमान समय में समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह के पास इस समय प्रोबेशन विभाग का भी चार्ज है। उन्होंने इमारत को फिर से समाज कल्याण विभाग को फिर स्थानांरित करा लिया। अधीक्षक आवास में प्रोबेशन विभाग के लिपिक सुनील यादव रहते हैं।
समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह की ओर से अधीक्षक आवास को खाली कराने के लिए कर्मचारी पर दबाव बनाया जा रहा था वहीं अपने चहेते समाज कल्याण और प्रोबेशन विभाग के कर्मचारियों को छात्रावास में आवास के लिए कमरे एलॉट किए जा रहे हैं।
दोनों विभाग के कई कर्मचारी परिवार समेत छात्रावास में आवास बनाकर रह रहे हैं। अमर उजाला ने 19 जनवरी के अंक में ‘लड़ाई जारी...आखिर किसका है छात्रावास’ शीर्षक से छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए जनपद पहुंची विधानसभा महिला प्रतिनिधि मंडल की टीम ने शुक्रवार की सुबह को ही छात्रावास का निरीक्षण किया।
टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के बाद छात्रावास में अवैध रूप से रह रहे लोगों से खाली कराने का निर्देश दिया है। सदस्यों ने छात्रावास की मरम्मत कराकर इसे छात्रावास के रूप में प्रयोग करने का भी निर्देश दिया गया है। -राजीव रत्न सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।