आजमगढ़। वर्ष 2019-20 में हुए यूपी बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के पारश्रमिक भुगतान में जिम्मेदारों ने लंबा घोटाला किया गया है। जबकि शासन ने विभाग को शिक्षकों का पारश्रमिक भुगतान के लिए धनराशि जारी कर दी थी। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने भुगतान नहीं किया। पारिश्रमिक नहीं मिलने के कारण शिक्षकों ने इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन से हटने का फैसला किया है। इसे लेकर डीएम से भी शिकायत की गई है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी मांग से अवगत कराया है। जिला मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि अध्यापकों ने बोर्ड परीक्षा का जो मूल्यांकन वर्ष 2019 में इंटर कालेज सठियांव के मूल्यांकन केंद्र पर किया था उसमें उनेक अध्यापकों के पारिश्रमिकी का भुगतान आज तक नहीं किया गया है। वर्ष 2020 में जिले के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन का कार्य किए अनेक अध्यापकों के मूल्यांकन पारिश्रमिकी का आज तक भुगतान नहीं किया गया है। जिला मंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालय पर एडेड माध्यमिक विद्यालयों के रहते हुए भी मुख्यालय से बाहर स्थित विद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र बनाया जाता है। जिससे अध्यापकों को शहर से बाहर स्थित मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर डा. जयशंकर मिश्र, पंकज कुमार सिंह, अबरार अहमद, शेरबहादुर सिंह यादव, राधेश्याम राजभर, जामवंत निषाद, अतुल सिंह व महमूद इरफान सहित आदि उपस्थित थे।