सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद अब घटना शुरू हो गया है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गांवों के संपर्क मार्ग अब भी बाढ़ के पानी में डूबे हैं।
लोगों को मजबूरी में पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। संपर्क मार्गों से पानी न उतरने के कारण करीब 30 हजार की आबादी का आवागमन प्रभावित है।
महुला-गढ़वल बांध के उत्तर स्थित देवारा खास राजा गांव आज भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। वहीं साहडीह, मानिकपुर, बांका, बुढ़न पट्टी, अजगरा, आराजी अजगरा मगरवी, अजगरा मगरवी, सोनौरा, इस्माइलपुर, कुड़ही और रोशनगंज के ग्रामीणों को पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बावजूद संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने से सामान्य जनजीवन पटरी पर नहीं लौट सका है। पशुओं के लिए चारे की समस्या पशुपालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन रही है। वहीं ग्रामीणों के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हो रहा। तबीयत खराब होने पर कई किलोमीटर तक घूमकर जाना पड़ रहा है।
बाढ़ चौकियों पर लटके ताले
महुला-गढ़वल बांध पर स्थापित 10 बाढ़ चौकियां भी अब निष्क्रिय नजर आ रही हैं। अधिकांश बाढ़ चौकियों पर ताला लटका है। शनिवार को सहदेवगंज बाढ़ चौकी पर केवल होमगार्ड प्रद्युम्न मौजूद मिले। यहां स्वास्थ्य विभाग के दो डॉक्टर, पशु चिकित्सक, विकास विभाग के कर्मचारी, सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं थे। इसी तरह गांगेपुर, हाजीपुर और महुला की बाढ़ चौकियों से भी कर्मचारी नदारद रहे।
बदरहुआ पर 16, डिघिया नाले पर 18 सेमी घटी सरयू
सरयू नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। शुक्रवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर जलस्तर 72.18 मीटर दर्ज किया गया था, जो शनिवार को 16 सेंटीमीटर घटकर 72.02 मीटर हो गया। इसी तरह डिघिया नाले पर शुक्रवार को 71.37 मीटर जलस्तर था, जो 18 सेंटीमीटर घटकर शनिवार को 71.19 मीटर पहुंच गया। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। वहीं बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर निर्धारित है। दोनों नालों पर जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर बना हुआ है। हालांकि लगातार कमी होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
वर्जन
बाढ़ का पानी अब घट रहा है, किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है। जहां पानी अधिक है वहां नाव लगा दी गई है। लोगों का नाव से आना-जाना हो रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में पहले ही बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है और जहां बचा है, वहां भी बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।