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Azamgarh News: लखीमपुर से सिताब दियरा तक सरयू नदी का होगा सीमांकन

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सरयू नदी पर किया जाएगा सीमांकन का कार्य।संवाद
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बलिया। लखीमपुर खीरी गिरजा बैराज से जिले के सिताब दीयरा तक सरयू किनारे फ्लड जोन का सीमांकन होगा। इसके लिए शासन से 1.70 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हो गई है। बाढ़ विभाग इसकी तैयारी में जुटा है। फ्लड जोन का चिह्नांकन होने के बाद किसी तरह के निर्माण का न तो नक्शा पास होगा और न ही विकास कार्य होंगे। अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। सीमांकन के लिए बाढ़ विभाग की तरफ से गजट भी निकाला जाएगा, जिससे लोगों को सीमांकन की जानकारी पहले हो जाएगी।
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बाढ़ खंड के एक्सईएन संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि सरयू नदी को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए शासन की तरफ से पहल की जा रही है। कई ऐसे गांव हैं जो आज भी बाढ़ क्षेत्र के अंदर बसे हैं। कई जगहों पर नदी के फ्लड एरिया में निर्माण कार्य भी हो चुका हैं। ऐसे में शासन ने नदी के फ्लड जोन का सीमांकन करने की पहल की थी। गूगल पर फ्लड जोन की सीमा भी अंकित कर दी गई है।
राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) के निर्देश के बाद शासन ने अब अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ऐसे में सीमांकन के बाद नदी के फ्लड जोन को अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा। 100 साल नदी में आई बाढ़ का आकलन, तब लगेगा पिलर : सरयू नदी में 100 साल में आई बाढ़ का आंकलन किया जाएगा। इसके लिए रुड़की के इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी गई है। इंजीनियरों ने इसका सर्वे किया है। बाढ़ विभाग की तरफ से रिपोर्ट मांगी गई है ताकि पिलर लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। 100 साल में नदी का हाई लेवल को देखते हुए सीमा तय की जाएगी।
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560 किमी तक बाढ़ खंड को मिली जिम्मेदारी, यूपी क्षेत्र में होगी सीमाबंदी: लखीमपुर खीरी गिरजा बैराज से जिले के सिताब दीयरा तक सरयू नदी में पिलर लगाने की जिम्मेदारी बाढ़ विभाग बलिया के एक्सईएन को दी गई है। इसके तहत लगभग 560 किमी तक नदी की फ्लड सीमा पर पिलर लगाया जाएगा। नदी के फ्लड जोन का सीमांकन यूपी के अंदर ही होगा। जहां नदी बिहार प्रांत की सीमा में होगी, उधर सीमांकन नहीं होगा। यूपी में बहने वाली नदी के दोनाें तरफ सीमा निर्धारित होगा।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी

बलिया। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को 64.44 मीटर रहा, जो खतरा बिंदु 64.01 मीटर से 43 सेमी ऊपर है। ग्राम गोपालनगर टाड़ी सुरेमनपुर तटबन्ध से लगभग पांच की दूरी पर सरयू नदी के दाए किनारे पर डूब क्षेत्र में स्थित है। एक्सईएन संजय मिश्र ने बताया कि ग्राम की सुरक्षा के लिए पांच डैम्पनर नदी के बैंक पर बनाए गए थे। सरयू नदी की धारा निर्मित संरचना के अपस्ट्रीम में लगभग 1.500 किमी लम्बाई में लूप बनाती हुई कटान करने लगी, जो बनाए गए डैम्पनर के पीछे से प्रवाहित होेने लगी। इससे डैम्पनर नदी में डूबे हैं। नदी इनके पीछे से प्रवाहित हो रही है। कटान को रोकने के लिए सीमेन्ट की खाली बोरी में ब्रिकरोरा भरकर बम्बूक्रेट में डालकर, जियोबैग में मिट्टी भर गैवियान में डालकर फ्लड फाईटिंग का कार्य कराया जा रहा है। सहायक और जूनियर इंजीनियर निगरानी कर रहे हैं।
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