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Azamgarh News: लाल निशान से 13 सेमी ऊपर बह रही सरयू, गांवों की ओर बढ़ा पानी

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सोनौरा संपर्क मार्ग पर पानी से साइकिल लेकर गुजरते लोग।
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सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने से अब बाढ़ का पानी तटवर्ती गांवों की ओर फैलने लगा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। बदरहुआ नाला पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। पानी बढ़ने से चक्की, देवारा खास राजा, अजगरा, आरजी अजगरा, अजगरा मगरवी, शाहडीह, बांका, बुढ़न पट्टी और इस्माइलपुर आदि गांवों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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मानिकपुर और सोनोरा में ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव चलाई जा रही है। इस्माइलपुर में भी नाव की व्यवस्था है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि नाविक कई बार नाव छोड़कर चला जाता है। इससे लोगों को मजबूरी में पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नाव नहीं मिलने पर ग्रामीण कमर तक पानी में उतरकर रास्ता पार कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक नाव संचालन में भी लापरवाही बरती जा रही है। नाबालिग से नाव चलवाए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। प्रशासन को नाव संचालन की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती करनी चाहिए।
बाढ़ चौकी पर डॉक्टर न होने से बढ़ी परेशानी
इस्माइलपुर स्थित बाढ़ चौकी पर डॉक्टर के नियमित नहीं आने से बाढ़ प्रभावितों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। बाढ़ चौकी पर तैनात एनएमए सुभाष शुक्ला ने बताया कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण प्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि यहां डॉक्टर कभी-कभार ही आते हैं और एएनएम के सहारे ही बाढ़ चौकी संचालित हो रही है।
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कई गांवों में राहत किट नहीं मिलने का आरोप
बाढ़ प्रभावितों के लिए आपदा राहत राशन किट और अन्य सामग्री का वितरण रौनापार से कराया जा रहा है। इस्माइलपुर के ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि उनका गांव बाढ़ से प्रभावित है, लेकिन अभी तक उसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि बांध के उत्तर करीब 800 से अधिक घर हैं, जहां रहने वाले लोगों को राहत सामग्री की जरूरत है। रोशनगंज में भी 700 से अधिक परिवारों के राहत किट से वंचित है। वहीं, आसपास के अचल नगर, बेलहिया और अजगरा मगरवी में राहत सामग्री बांटे जाने से अन्य प्रभावित गांवों के लोगों में भी राहत सामग्री पाने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रधान ने बताया कि पिछली बार गांव में 108 राहत पैकेट वितरित किए गए थे, लेकिन इस बार अभी तक राहत किट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पशुओं के टीकाकरण को लेकर भी चिंता
महुला गढ़वल बांध के उत्तर स्थित कई बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं का टीकाकरण नहीं होने से ग्रामीण चिंतित हैं। पानी भरा होने के कारण पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। इस्माइलपुर के बड़कू यादव ने बताया कि उनकी भैंस बीमार है। प्रकाश यादव, श्रीराम यादव, जनार्दन समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से पानी जमा होने के कारण पशुओं में बीमारी फैलने का खतरा है।
सीवीओ डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि करीब 11 हजार पशुओं का टीकाकरण कराया गया है। पशु चिकित्सा अधिकारी हरैया डॉ. अशोक प्रकाश ने बताया कि जो पशु मौके पर नहीं मिले, उनमें कुछ का टीकाकरण नहीं हो सका है। हरैया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब सात हजार, महाराजगंज में 3500 और अजमतगढ़ में 1500 पशुओं का खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का टीकाकरण कराया गया है। हालांकि, इस्माइलपुर के ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में अभी पर्याप्त टीकाकरण नहीं हुआ है। इससे पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग फैलने की आशंका को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है।
बदरहुआ पर 10 सेमी और डिघिया पर नौ सेमी बढ़ा जलस्तर
लाटघाट। सरयू में लगातार बढ़ोतरी का क्रम जारी है। बदरहुआ नाले पर शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 71.71 मीटर था, जो रविवार को 10 सेंटीमीटर बढ़कर 71.81 मीटर पहुंच गया। वहीं डिघिया नाले पर शनिवार को 71.05 मीटर दर्ज किया गया था, जो नौ सेंटीमीटर बढ़कर रविवार को 71.14 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। इस तरह यहां जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। डिघिया नाले पर खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। रविवार को यहां जलस्तर खतरे के निशान से 74 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।
बाढ़ चौकी तो बना दी गई है पर यहां व्यवस्था नाकाफी है। यहां डॉक्टर कभी-कभार ही आते हैं और एएनएम के सहारे ही बाढ़ चौकी संचालित हो रही है। श्रीराम यादव, इस्माइलपुर।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के पशुओं का अभी तक टीकाकरण नहीं कराया गया है। क्षेत्र में पशु रोगग्रस्त हो रहे हैं। किसान परेशान हैं, सभी रास्ते भी बंद हैं। त्रिलोकी यादव, इस्माइलपुर।
सरयू के तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। गांवों में बाढ़ राहत किट का वितरण कराया जा रहा है। करीब 15 हजार बाढ़ राहत सामग्री किट वितरित की जानी है। संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।
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