Varanasi News: संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का कार्यकाल बढ़ाया गया। इसका आदेश राजभवन ने जारी किया। वहीं कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना का सम्मान।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया है। राजभवन की ओर से इसका आदेश कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल की ओर से जारी कर दिया गया है। एक बार फिर वह विश्वविद्यालय के कुलपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। कुलपति ने राजभवन की ओर से दुबारा मिली इस जिम्मेदारी को विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक साधना का सम्मान बताया है।
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कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का कार्यकाल इसी महीने पूरा होने वाला था। इसके पहले ही कुलाधिपति व उत्तर प्रदेश की राज्यपाल की ओर से सेवा विस्तार का आदेश जारी कर दिया गया है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और उपलब्धियां किसी एक व्यक्ति के प्रयास का परिणाम नहीं होतीं। इसके पीछे आचार्यों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा विश्वविद्यालय से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक साधना, सतत परिश्रम और संस्थान के प्रति निष्ठा होती है।
कहा कि राजभवन और विश्वविद्यालय के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग की सुदृढ़ परंपरा संस्थान के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुलाधिपति के मार्गदर्शन एवं राजभवन के सहयोग से संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान-परंपरा, संस्कृत शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा।