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बलिया के दुर्जनपुर हत्याकांड को लेकर आजमगढ़ में गरजे सपाई

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प्रदेश के कानून व्यवस्था को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते सपा के कार्यकर्ता। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। बलिया के दुर्जनपुर हत्याकांड के विरोध में सपाइयों ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष, विधायक और अन्य पदाधिकारियों ने कार्यालय से जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में सरेआम हत्या कर दी जाती है।
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कहा कि हाथरस की घटना में नियम-कानून सब ताक पर रख कर रात में ही परिवार की गैर मौजूदगी में पीड़िता की लाश जला दी जाती है। इससे ध्वस्त कानून व्यवस्था की पोल खुल गई। मुख्यमंत्री के दावे कि अपराधी मारा जाएगा या जेल में रहेगा या प्रदेश छोड़कर भाग जाएगा, की सच्चाई सबके सामने है। मुख्यमंत्री योगी ने बलिया की घटना पर कोई अफसोस जाहिर नहीं किया। उनके विधायक ही मुकदमे की विवेचना कर कहते हैं कि धीरेंद्र सिंह ने गोली नहीं चलाई। आरोपी को सत्तापक्ष का राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। शासन-प्रशासन ने मिलकर गिरफ्तारी मैनेज की है। कहा कि भाजपा सरकार में दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों पर जुल्म बढ़े हैं। फर्जी मुकदमों में लोगों को फंसाया जा रहा है। पुलिस का उत्पीड़न व दमन व जनता के पैसों की लूट से आम व्यक्ति त्रस्त है। थानों पर भाजपा नेताओं के कहने पर जाति के नाम पर पोस्टिंग हो रही है। निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, नफीस अहमद, कल्पनाथ पासवान, पूर्व सांसद बलिहारी बाबू, पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव, रामजग राम, अखिलेश यादव, रजयराम सिंह पटेल, डा.रामदुलार राजभर, हरिप्रसाद दूबे, वीरेन्द्र यादव, रामप्रवेश यादव, श्यामदेव चौहान, चन्द्रशेखर यादव, बबीता चौहान, सपना निषाद, गुड्डी देवी आदि थे।
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