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बोलीं मीरा, सभी सदस्यों को साथ लेकर चलूंगी

Fri, 15 Jan 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र से निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुना जाना गौरव की बात है। लगातार दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ रही हूं। पहले और अब में काफी अंतर है। पहले जिला पंचायत की 74 सीटें थी अब 86 सदस्य हैं।
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भले ही परिस्थितियां, स्थितियां बदलीं हैं, चुनौतियां बढ़ीं हैं, मगर वह सभी सदस्यों को एक साथ लेकर चलेंगी। सपा, बसपा, भाजपा, कांग्रेस या निर्दल किसी सदस्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। क्षेत्र के हिसाब से सभी सदस्यों को विकास के लिए बजट जारी करेंगी।


यह कहना है सपा जिले की 31वीं जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव का। जिला पंचायत की कुर्सी पर दोबारा बैठने के बाद शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ ब्यूरो कार्यालय आईं मीरा यादव ने विकास से लेकर हर मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। कहा कि नेताजी के सांसद चुने जाने के बाद यहां पर विकास की लहर बह रही है।
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चीनी मिल, कृषि महाविद्यालय, डेयरी केंद्र, बिजली घर, सड़क, पुल पुलिया बन रहे हैं। मुख्यमंत्री भी जिले पर खास नजर गड़ाए हैं। सपा के शीर्ष नेताओं के पद चिह्नों पर चलकर वह भी विकास की यज्ञ में आहूति डालेंगी। कहा कि जिले में विकास का संकल्प लेकर चल रही हैं। हां, इतना जरूर है कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां अपेक्षा से अधिक काम करने की जरूरत है।


मेंहनगर, सगड़ी, निजामाबाद, फूलपुर, दीदारगंज और लालगंज में अपेक्षा से कम विकास कार्य हुए हैं। यहां सड़क, बिजली पानी आदि पहुंचाना प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मीरा कहती हैं कि मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र में चूंकि बसपा विधायक हैं, इस नाते वहां तो नाम मात्र के विकास कार्य हुए हैं।


वहां मास्टर प्लान के तहत काम होगा। कहा कि काम को लेकर उन्होंने रणनीति बना ली है। वरीयता वाले गांवों में सबसे पहले खड़ंजा, सीसी रोड और नाली पर ध्यान देंगी। एक सवाल के जवाब में मीरा ने कहा कि टिकट कटने से आहत हुई थीं मगर उन्हें भरोसा था कि पार्टी नेतृत्व उन्हें पुन: प्रत्याशी बनाएगा और हुआ भी यहीं।


मीरा कहती हैं कि वह संयुक्त परिवार में एक बड़े कुनबे के साथ रहती हैं। ससुराल में रहकर उन्होंने परिवार के लोगों से यह जान लिया है कि किस समय कौन से फैसले लेने चाहिए। चूूंकि दूसरी बार सभी सदस्यों के चलते निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंची हैं, ऐसे में उनकी खुद की जिम्मेदारी बाकी सदस्यों के प्रति बढ़ जाती है।


जनभावना का ख्याल रखते हुए और बिना किसी के दबाव में आए वह अपने हिसाब से सब कुछ तय करेंगी। जिला पंचायत के बारे में काफी कुछ जान गई हैं। टिकट कटने के घटनाक्रम को लेकर कहती हैं उनका कोई विरोधी नहीं है।


मायके में राजनीति से दूर दूर का वास्ता नहीं था। इसलिए राजनीति के बारे में कुछ खास नहीं जानती थीं मगर अब तो वह काफी कुछ सीख चुकी हैं। उत्साह से लबरेज मीरा कहती हैं कि समय का इंतजार करें, इस बार काफी अलग दिखेगा। 
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