अजमतगढ़ ब्लाक स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय मालटारी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विभाग की अनदेखी के चलते अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है।
हालत यह कि बारिश में छत से झरने की तरह पानी गिरता है। चिकित्सालय पर एक भी डाक्टर तैनात नहीं है जिससे पशुपालकों को निजी चिकित्सकों के यहां अपने मवेशियों का उपचार कराना पड़ता है।
अस्पताल कंपाउंडर के भरोसे चल रहा है। अजमतगढ़ ब्लाक के राजकीय पशु चिकित्सालय मालटारी में एक वर्ष से अधिक का समय बीत गया लेकिन एक भी डाक्टर की तैनाती नहीं की गई।
वहीं अस्पताल का भवन भी काफी जर्जर हो चुका है। दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। विभाग की लापरवाही से मालटारी, कठैचा, कालिकापुर, करसौली, कुदारन, बरकोठा, राजूपट्टी, पारीपट्टी, मिर्जापुर, बोझिया, महुलिया, सुंदरसराय बल्लो बक्सनपुर, भतखोरी, मुहम्मदपुर, पकवाइनार, गडेरीपट्टी, भदांव, बटसरा और मझौवा सहित दर्जनों गांवों के पशुपालक सरकार द्वारा दी गई सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
क्षेत्र के बृजेश, मोइद खां, श्रीप्रकाश मौर्य, चंद्रकेश यादव, रामरतन यादव, भोला यादव, श्रीनाथ, अंशुमान यादव ने बताया कि डाक्टर की कमी के कारण पशुपालक अपने पशुओं के इलाज के लिए दर-दर भटकते हैं। बताया कि पहले यहां गर्भाधान की व्यवस्था थी। लेकिन अब वह भी नहीं हो रहा है।
कई बार इसकी शिकायत आलाधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय में जल्द डाक्टर को नियुक्त करने की मांग की है।