आजमगढ़। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। जिन विद्यालयों में प्रवेश नहीं लिए जाएंगे, वहां शिकायत मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पहुंचेंगे। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। साथ ही लखनऊ में स्थापित विद्या समीक्षा केंद्र द्वारा इसकी निगरानी कराई जा रही है। फोन कर वह आवेदकों से फीडबैक ले रहे हैं।
जिले में चयनित बच्चों का समय से प्रवेश हो सके, इसकी तैयारी की गई है। इस बार पहले चरण में 413 और दूसरे चरण में 555 बच्चों का चयन हुआ है। इन बच्चों को 28 फरवरी तक स्कूलों में प्रवेश मिल जाए, यह लक्ष्य रखा गया है। जिले स्तर पर बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारी इसकी निगरानी कर ही रहे साथ ही लखनऊ से भी इसपर नजर रखी जा रही है। जिन बच्चों का चयन हो गया है, उन बच्चों के अभिभावकों के नंबर पर लखनऊ से विद्या विद्या समीक्षा केंद्र से फोन किया जा रहा है। यदि किसी प्रकार की समस्या आए तो तत्काल फोन कर इसकी शिकायत दर्ज कराने की भी बात कही जा रही है।
आरटीई के तहत आवेदन लिए जा रहे हैं। दो चरण की लॉटरी निकल चुकी है। दाखिले की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है। इसकी मॉनीटरिंग जिले स्तर से की जा रही है। साथ ही इसकी मॉनीटरिंग लखनऊ से भी की जा रही है। यदि कोई विद्यालय चयन होने के बाद भी दाखिला नहीं लेता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।