देश को हिंदू-मुस्लिम एकता, धर्म निरपेक्षता की जरूरत है लेकिन आज यहां असहिष्णुता का माहौल है। यह आरएसएस और भाजपा की नीतियों की वजह से है। जो देश के आपसी सौहार्द को बिगाड़ रहे हैं। चंद लोगों की वजह से देश की गंगा जमुनी तहजीब मैली हो रही है। उक्त बातें हेमवती नंदन बहुगुणा स्मृति समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रीता बहुगुणा जोशी ने शनिवार को नेहरू हाल में हेमवती नंदन बहुगुणा की 27वीं पुण्यतिथि पर आयोजित संगोष्ठी में कही।
‘भारतीय समाज में धर्म निरपेक्षता का महत्व’ विषयक संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि मेरे पिता ने हर वर्ग के लोगों का एहतराम किया। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, अबुल कलाम आजाद और पटेल के सपनों को साकार करने का प्रयास किया। यही वजह है कि आज भी उत्तर प्रदेश के लोग उस दौर को याद करते हैं। बहुगुणा जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हर धर्म, जाति के लोग अपने आप को एक-दूसरे से जुड़ा महसूस करते थे।
समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जेडके फैजान ने कहा कि हर मुसलमान अपने देश से मुहब्बत करता है। खासतौर से हिंदुस्तान के मुसलमान। फिरकापरस्त ताकतें कभी लव जेहाद, घर वापसी का मुद्दा उठाकर बुनियादी समस्याओं से लोगों का ध्यान हटा कर नफरत का बीज बोने का काम कर रही हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रमेश दीक्षित ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा जैसी हस्ती सदियों में पैदा होती है। आज वह हमारे बीच नहीं है लेकिन समाज और देशहित में किए गए उनके कार्य हमेशा याद किए जाएंगे।
संगोष्ठी में पूर्व सांसद डा. संतोष सिंह, जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह, पूर्व सांसद बलिहारी बाबू, शिब्ली नेशनल कालेज के उर्दू विभागाध्यक्ष डा. शबाबुद्दीन, अरविंद जायसवाल आदि ने विचार व्यक्त किए। इस मौके राजकुमार पांडेय, लालसा राय, बेलाल अहमद, मुन्नू मौर्य, डा. शौकत, मंसूर आलम, चंद्रपाल सिंह यादव, डा. रामकिशुन, मुन्नू यादव, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन साजिद खान ने किया।