नोटबंदी के 15वें दिन बुधवार को भी बैंक के बाहर रुपये के लिए मारामारी होती रही। कहीं समय से पहले ही बैंक में रुपये खत्म होने तो कहीं समय से बैंक का ताला न खुलने से नाराज होकर सड़क पर उतर आए। व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस को कहीं नरम तो कहीं गरम होना पड़ा।
सगड़ी संवाददाता के अनुसार, जीयनपुर बाजार स्थित यूबीआई के सामने लोग सुबह से ही खड़े थे लेकिन दस बजे के बाद भी बैंक का ताला न खुलने से लोग हंगामा करते हुए सड़क पर उतर आए। आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। ऐसा ही कुछ हाल यूबीआई गड़ेरीपट्टी के बाहर भी दिखा। बैंक कर्मचारियों के व्यवहार से नाराज लोगों ने जीयनपुर-बिलरियागंज मार्ग जाम कर बवाल मचाया। उधर यूबीआई महुला से शादी व्याह वालों को भी बैंक से ढाई लाख रुपये नहीं मिले। करेंसी और मनचाही रकम न मिलने से नाराज लोगों ने बैंक के बाहर जमकर धक्का-मुक्की की।
सीओ सगड़ी सोहराब आलम जीयनपुर कोतवाल और एसओ बिलरियागंज ने मामला शांत कराया। जहानागंज संवाददाता के अनुसार, यूनियन बैंक मंदे बुधवार को साढ़े दस बजे तक बंद रहा। लोग नारेबाजी करने लगे। यहां करीब ग्यारह बजे बैंक का ताला खुला। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि फोर्स उपलब्ध नहीं थी। इसलिए ताला खोलने में देरी हुई।
सठियांव संवाददाता के अनुसार, यूनियन बैंक नासिरुद्दीनपुर पर पैसा न मिलने से नाराज ग्रामीण आजमगढ़-बलिया मार्ग जाम कर दिए। लाटघाट संवाददाता के अनुसार, हंगामा का आलम यूबीआई लाटघाट, मुहम्मदपुर के बाहर भी देखने को मिला। बैंक से रुपये न मिलने की वजह से खाताधारक हंगामा करते हुए आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग पर जाम लगाए। एक घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
पल्हना संवाददाता के अनुसार, तरवां थाने के कबूतरा बाजार में स्थिति यूबीआई में पैसा समाप्त हो जाने से नाराज लोगों ने तरवां-खरिहानी मार्ग पर जाम लगाया। हालांकि एक घंटे बाद रुपये वाली वैन आ जाने पर जाम समाप्त हो गया।