अब छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालु घाटों की सफाई करने में जुट गए हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तरप्रदेश की परंपरा का ये महापर्व जिले में भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
24 अक्तूबर को नहाय खाय से शुरू होकर यह महापर्व 27 अक्तूबर तक चलेगा। नहाय खाय के दिन व्रती महिलाएं चने की दाल और लौकी की सब्जी जैसा सात्विक भोजन करती हैं। 25 अक्तूबर खरना को पूरे दिन व्रत के बाद शाम को गुड़ के साथ साठी के चावल की खीर बनाकर केले के पत्ते में प्रसाद ग्रहण करती हैं।
खरना के साथ ही व्रती महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला उपवास भी शुरू हो जाएगा। 26 अक्तूबर को सायंकाल में 27 को प्रात:काल में सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाएगा। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा है। बाजार में भी पूजा में लगने वाले सामन की बिक्री शुरू हो गई है। फूलपुर में जय मां दुर्गा क्लब एवं छठ पूजा समिति की ओर से तैयारियां जोर-शोर की जारी हैं। कस्बा स्थित कुंवर नदी तट के पिपरहा घाट पर साफ सफाई की जा रही है।
समिति के प्रबन्धक अंगद सोनकर ने बताया कि नदी तट के पास नगर का गंदा पानी आ रहा था। उसे समिति के प्रयास से बंद कर दिया गया है ताकि पिपरहा घाट पर बेदियां बनाने में परेशानी न हो। जल्द ही घाट पर सूर्य भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जिससे उपासना करने वाले को सहूलियत होगी।