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Azamgarh News: जलस्तर बढ़ने से डूबे संपर्क मार्ग, 30 हजार से ज्यादा की आबादी प्रभावित

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टेकनपुर बरामदपुर में बाढ़ के पानी में डूबी फसल। संवाद
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घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से सगड़ी तहसील के उत्तरी क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। 24 घंटे में बदरहुआ नाले पर छह सेमी तो डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर दो सेमी बढ़ा।
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इसके कारण एक दर्जन से अधिक गांवों की करीब 30 हजार आबादी प्रभावित हो गई है। सोनौरा, मानिकपुर, बेलहिया, इस्माइलपुर संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से बेलहिया संपर्क मार्ग बंद हो गया है। बरामदपुर गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। गांव तक पहुंचने के लिए केवल एक संपर्क मार्ग बचा है, उसी से किसी तरह आवागमन हो रहा है।
बरामदपुर और टेकनपुर गांव के किसानों की धान व सब्जी की फसलें पानी में डूब गई हैं। परसिया गांव में परवल की फसल डूबने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। पानी भरने से गांवों में फसलें लगातार पानी में डूब रही हैं।
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मानिकपुर, सोनौरा और इस्माइलपुर में आवागमन के लिए नाव चलाई जा रही है, लेकिन कई स्थानों पर लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। बेलहिया-सोनौरा मार्ग पर बच्चे पैदल पानी पार कर विद्यालय जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीण चंद्रजीत, रमेश, बगेदू ने बताया कि बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद महुला गढ़वाल बांध के दक्षिण स्थित विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद कर देना चाहिए, ताकि बच्चों को जान जोखिम में डालकर पानी से होकर स्कूल न जाना पड़े। बीएसए और बीईओ से इस दिशा में कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में नावों की व्यवस्था की जाए।
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फोटो संख्या- 16
घाघरा का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए पर्याप्त नाव नहीं चलाई जा रही है। नावों पर अधिक लोगों के सवार होने से दुर्घटना की भी आशंका बनी हुई है। -इमरती देवी
फोटो संख्या- 17
जलस्तर बढ़ने से फसलों में पानी लग गया है। कई जगहों पर फसल बर्बाद भी हो गई है। ऐसे में इसका सर्वे कराकर प्रशासन मुआवजा उपलब्ध कराए। -सतिराम सिंह
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20 बीघे से अधिक जमीन नदी में समाई
घाघरा नदी की तेज कटान से किसानों की 20 बीघे से अधिक कृषि भूमि नदी में समा गई है। कटान रोकने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से लॉन्च किए गए परखूपाइन भी काम नहीं आए। करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में 1500 से अधिक परखूपाइन लॉन्च किए गए थे, जिनमें अब एक-दो ही दिखाई दे रहे हैं। बाढ़ के पानी से दाम महुला, सहबदिया, चक्की, देवारा खास राजा के सभी 12 मजरे, बांका, बुढ़नपट्टी, शाहडीह, अजगरा मगरवी और इस्माइलपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं।
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बढ़ रहा जलस्तर
बदरहुआ नाले पर सोमवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.89 मीटर था, जो मंगलवार को छह सेमी बढ़ कर 71.95 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। डिघिया नाले पर जलस्तर 71.19 मीटर से दो सेमी बढ़कर 71.21 मीटर हो गया। डिघिया नाले का जलस्तर न्यूनतम 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।

टेकनपुर बरामदपुर में बाढ़ के पानी में डूबी फसल। संवाद

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