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बढ़ते तापमान ने बढ़ाई किसानों की चिंता

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तापमान में बढ़ोतरी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। वहीं जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। मार्च में मई जैसी गर्मी पड़ने से लोग परेशान हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं के दाने हल्के होंगे। फसल जल्दी पक जाएगी। इससे किसानों को नुकसान होगा।
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विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में बढ़ोतरी की गति अगर ऐसे ही बनी रही तो अप्रैल के पहले सप्ताह में ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा छू लेगा जो सामान्य से करीब 07.9 डिग्री सेल्सियस अधिक होगा। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 21 डिग्री और अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी से इतनी गर्मी पड़ते देख किसानों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। रबी की फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि तापमान बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन है। इसका रबी की फसलों पर भी असर पड़ेगा। गेहूं के दाने सामान्य तापमान में पकते हैं। जब गर्मी अधिक होती है, तो अनाज न तो अच्छी तरह से फूलता है और न ही ठीक से पकता है। अधपके और सख्त अनाज के कारण गेहूं का स्वाद कम हो जाता है और पौष्टिकता भी कम हो सकती है। किसानों को चाहिए कि अपनी गेहूं की फसल में पोटैशियम नाइट्रेट दो ग्राम की मात्र एक लीटर पानी और सल्फेट या पोटाश की पांच ग्राम मात्र एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इससे मौसम के असर को कुछ कम रखा जा सकता है।
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