मंडलीय जिला चिकित्सालय में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
उमस भरी गर्मी और बारिश के मौसम ने जिले में त्वचा संबंधी समस्याओं को बढ़ा दिया है। इन दिनों दाद, खाज, खुजली, लाल चकत्ते और त्वचा पर दाने निकलने की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।
वातावरण में बढ़ी नमी के कारण फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग त्वचा रोगों की चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में त्वचा रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। रोजाना औसतन 200 से अधिक मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
शनिवार को सुबह से ही त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम कुमारी की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई थी। आम दिनों में 150 तक रहने वाली ओपीडी में इस समय मरीजों की संख्या 200 से 250 तक पहुंच रही है। इसमें लगभग 200 से अधिक मरीज फंगल इंफेक्शन से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
डॉ. पूनम कुमारी ने बारिश के मौसम में त्वचा की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भीगे हुए या पसीने से तर कपड़े अधिक देर तक न पहनें और कपड़ों को अच्छी तरह सुखाकर ही इस्तेमाल करें।
दिन में कम से कम दो बार स्नान करने और शरीर को सूखा रखने, खासकर जांघों और उंगलियों के बीच की जगहों की सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी है। संक्रमित व्यक्ति के तौलिया, साबुन या कपड़ों का इस्तेमाल न करने की हिदायत भी दी है।
उन्होंने कहा कि इस समय बच्चों के शरीर पर दाने देखने को मिल रहे हैं, जिनसे स्राव हो रहा है। यदि समय पर उनका इलाज न किया जाए तो संक्रमण बढ़ सकता है। बच्चों को मिट्टी में खेलने से रोकें। रात को सोते समय बिस्तर को झाड़ें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।