आजमगढ़। एक बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अदालत ने शनिवार को तीन आरोपियों में दो को सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जबकि एक की मौत चुकी है। शनिवार को यह सजा विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट सतीश चंद्र द्विवेदी ने सुनाया।
मुबारकपुर थाना के एक गांव में छह दिसंबर 2000 को शौच के लिए गई बालिका के साथ लोहरा तकिया गांव निवासी
तैय्यब, अफरोज व गुफरान ने जबरन दुष्कर्म किया। बच्ची जब घर लौटी तो परिजनों को आपबीती बताई। जिस पर परिजनों ने मुबारकपुर थाने में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
मुबारकपुर पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मुकदमे के परीक्षण दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने इस मुकदमे के वादी और पीड़िता समेत अन्य गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रामनाथ प्रजापति ने बताया कि उभय पक्षों के तर्कों के सुनने के बाद अदालत ने आरोपी गुफरान को 10 साल के सश्रम कारावास व छह हजार रुपये अर्थ दंड व अफरोज को पीड़िता को बंधक बनाने के आरोप में तीन माह कारावास के साथ पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं इस मामले में एक और आरोपी तैय्यब की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है।