आजमगढ़। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर महिलाओं से ठगी करने वालों के विरुद्ध गुरुवार की देर शाम डीएम के निर्देश पर आठ लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस का पहला काम इन ठगों की तरफ से अन्य जिलों में चल रहे फर्जीवाड़े को रोकना और गिरफ्तारी करना है।
बता दें कि अतरौलिया थाना क्षेत्र के अतरैठ गांव निवासी मालती देवी, भेदौरा गांव निवासी संजू सिंह, उर्मिला देवी आदि कई महिलाओं से प्रधानमंत्री कौशल विकास के तहत ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर गोरखपुर के रहने वाले रेनू दूबे उसके पति सच्चिदानंद, प्रवीण तिवारी, कंचन राजभर, रीना पांडेय, माधुरी राजभर, प्रवीण मिश्रा, दीनानाथ पांडेय आदि ने लाखों रुपये की ठगी करके फरार हो चुके हैं।
यह रुपये क्षेत्र की लड़कियों को सिलाई, कढ़ाई की ट्रेनिंग दिलाने, सिलाई मशीन और सिलने के लिए कपड़ा देने के नाम पर किया गया है। वर्ष 2015 से इस प्राइवेट संस्था से जुड़ी इन महिलाओं को आरोपी लाखों रुपये की चपत लगाकर फरार हो चुके हैं।
अब इनकी संस्था पूर्वांचल के अन्य जिलों में सक्रिय है। ठगी की शिकार इन महिलाओं ने गुरुवार को डीएम से शिकायत की। जांच में संस्था के फर्जी पाए जाने पर डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का निदर्टेश दिया।
डीएम के निर्देश पर सिधारी थाने में रेनू दूबे सहित इन आठ लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। साथ ही पूर्वांचल के अन्य जिलों की पुलिस से संपर्क कर इनकी पहचान करने और फर्जीवाड़ा रोकने को कहा गया है।