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क्षतिग्रस्त मार्ग और क्षति की रिपोर्ट करें तैयार
संयुक्त सचिव ने बाढ़ से प्रभावित छति का किया स्थलीय निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
लाटघाट। रमेश कुमार गंटा, संयुक्त सचिव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंध के नेतृत्व में रविवार को तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम द्वारा तहसील सगड़ी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से हुई क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत और क्षति की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
टीम सबसे पहले जोकहरा बांध पहुंची जो बाढ़ के दौरान टूट गया था। सचिव ने उसके संबंध में जानकारी ली। फिर टेकनपुर रेगुलेटर देखा, टेकनपुर रेगुलेटर पर बाढ़ के पानी का जानकारी ली। जोकहरा संपर्क मार्ग का भी निरीक्षण किया। कहा कि यहां जो संपर्क मार्ग टूटा है और फसल बर्बाद हुई है इसका मूल्यांकन कर भेज दें। गांगेपुर रिंग बांध टूटे होने पर टीम ने पूछा कि कितना फसल और कितनी खेती बर्बाद हुई इसे कैसे रोका जा सकता है। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग ने कहा ठोकर बनाकर रोका जा सकता है। देवारा खास राजा के निरीक्षण में टीम ने वहीं पड़ी सिल्ट की सीडी बनाने का निर्देश दिया।
डीएम ने टीम को कटान से हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी। देवारा खास राजा के प्रधान प्रतिनिधि पलटन यादव ने गांव की समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने टीम को बताया कि प्रति वर्ष यह गांव कटता जाता है। हर साल कटान होती है। गांव के दर्जनों किसानों का घर घाघरा में विलीन होता है। ठोस कार्रवाई नहीं होती है। टीम ने कहा कि फसल के साथ खेती की जमीन और घरों का उचित मुआवजा बनाया जाए। इस मौके परएडीएम वित्त एवं राजस्व गुरू प्रसाद, एसडीएम सगड़ी अरविंद कुमार, एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव कुमार, सीएमओ डा. एके मिश्रा, नायब तहसीलदार सगड़ी मंयक मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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कटान पीड़ितों ने टीम को सौंपा मांग पत्र
लाटघाट। निरीक्षण को पहुंची संयुक्त सचिव और केंद्रीय टीम को कटान पीड़ितों ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें ग्रामीणों ने कहा कि उचित स्थान बसने के लिए दिया जाए। कृषि भूमि कटी होने पर उचित मुआवजा दिया जाए। केंद्रीय टीम ने सगड़ी तहसील क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए कहा कि रिंग बांध टूटने से जो नुकसान हुआ है उसका जमीन, संपर्क मार्ग, आवासीय झोपड़ी,आदि का कितना और किसका नुकसान हुआ है उसकी रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने ग्रामीण से राहत सामग्री के बारे में जानकारी ली।