जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाकर जाम लगाने वाले बसपा प्रत्याशी सहित चार के विरुद्ध कोतवाली प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में अज्ञात महिला-पुरुषों पर भी जाम लगाकर कानून व्यवस्था भंग करने का आरोप है।
रैदोपुर मुहल्ला स्थित दलित बस्ती के पास जमीन बैनामा कराकर घेरवा रहे लोगों पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा सदर के बसपा प्रत्याशी सुशील सिंह रविवार को धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन के आश्वासन पर जाम समाप्त किया। जाम लगाने से डीएवी स्कूल के सामने यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी।
इस संबंध में शहर कोतवाल ने कोतवाली में बसपा प्रत्याशी सुशील सिंह, अवधेश शर्मा, जिलाध्यक्ष बसपा सुबाष गौतम और अमरनाथ गौतम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एसडीएम सदर डा. एके सिंह ने बताया कि गलत मुद्दे को लेकर बसपा प्रत्याशी ने जाम लगाया था।
तत्कालीन एसडीएम सदर दलितों के प्रार्थना पत्र पर जांच करा चुके हैं। नापी के दौरान दलितों का आरोप गलत था। जो लोग कब्जा कर रहे हैं, जमीन उनके नाम से है। सुशील ने आरोप लगाया कि सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, उनके मीडिया प्रभारी और अन्य कार्यकर्ता दलितों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
दलितों की सुनवाई नहीं हो रही है। इसे पर हमने चक्काजाम किया था। उन्होंने एलवल मुहल्ले के मारकंडेय सिंह पर भी आरोप लगाया। इस संबंध में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा, सुशील सिंह ने खुद ही एक व्यक्ति की जमीन फर्जी तरीके से बैनामा करा ली हैं। जिस जमीन के लिए मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, उस बारे में जानकारी भी नहीं है। सुशील के कृत्य का हमने विरोध किया था, इसके चलते वे मुझ पर आरोप लगा रहे हैं।